



अपने ज्ञान को अंतिम सत्य मानना, उसे दूसरों पर थोपना मेरा नहीं सेक्युलर्स का स्वभाव है।। आपकी भाषा भारत से आपकी असहमति का परिचायक है। आनंदमठ का कथानक अविवाहित पुरुषों का नहीं सन्यासियों का आंदोलन था। मुस्लिम शासन मुस्लिमों द्वारा ही होता है। उसके विरुद्ध संघर्ष में वे ही मारे जाते हैं। हाँ मुस्लिम शासन का विरोध सेक्युलरिज्म की दृष्टि से अपराध है।
सामूहिक राजनैतिक चेतना और सैन्यबल की कमी से सदियों चलने वाला संघर्ष साथ रहना नहीं हो गया। पाकिस्तान निर्माण के पीछे यही मुस्लिम मानसिकता है। जहां उनका बहुमत है हिन्दू का जीना मुश्किल है। सेक्युलरिज्म का चश्मा इन सबको देखने नहीं देता।।
पाकिस्तान, बांग्लादेश में शून्यप्राय हो गई हिन्दू आबादी, कश्मीर से हिन्दू पलायन, बंगाल में हिन्दुओं के साथ अन्याय, ये सब RSS के कारण नहीं है। वंदेमातरम् से आपकी घृणा का आधार सेक्युलरिज्म ही है। संघ से पहले बहुतों ने इसे गाकर फांसी के फंदे चूमे। देश को माता कहने वालों से घृणा करना सेक्युलरिज्म है।
Vcp Agnihotri
राजनीति में अंधे हुए केजरीवाल,गीता का तिरस्कार
चंदा बंद सत्याग्रह के संजोयक मुनीष रायजादा और दो अन्य कार्यकर्ताओं को केजरीवाल के आवास में जाने की इजाजत दी गई, बाकी सदस्यों को बाहर ही रोक दिया गया। केजरीवाल आवास में मौजूद थे, लेकिन रायजादा और अन्य कार्यकर्ताओं को बहुत देर तक इंतजार कराया गया। वहीं, केजरीवाल ने उनसे गीता लेने से इनकार कर दिया। बता दें कि पंजाब में आप के 21 में से 9 उम्मीदवार पर गंभीर आरोप हैं। उनके खिलाफ रेप, मर्डर, किडनैपिंग और चोरी के आरोप हैं।
रायजादा ने कहा, ‘इसका मकसद अरविंद केजरीवाल को गीता में दर्ज ‘कर्म’ के संदेश का अहसास दिलाना था। दागी उम्मीदवारों को खड़ा करके और दानकर्ताओं की लिस्ट छुपाकर आप के चंदा चोर गैंग पार्टी और जनता के लिए खराब कर्म करने में लग गए हैं।’