आजकल यूपी के गधे अखिलेश यादव से नाराज़ है। क्योकि उनकी तुलना गुजरात के गधो से की गयी ही। Akhilesh Yadav’s “Gujarat ke Gadhey” comment insulting NaMo may become POLITICAL SUICIDE for him and Pappu , People vowed to teach lesson in Upcoming Elections
मैं तो सोच रहा था बीजेपी का प्रचार हम ही कर रहे है यहाँ तो अमिताभ जी पहले से लगे है।......Bhanu Pratap Singh
माेदी आज तक काेई चुनाव नही हारे क्याेकिमोदी जी को आधा चुनाव तो विपक्षी अपने घटिया बयानों से ही जीता देते है और बाकी का आधा चुनाव मोदी जी का काम जीता देता है .....फैक्ट !.....रमेश चन्द्रा
बबुआ चढ़ा साइकिल पे पप्पुआ को लियो बैठाय।
अब बइठ के दोनों रोवत हैं कहिं पंचर ना होई जाय।................Pinku Jaiswal
अब बइठ के दोनों रोवत हैं कहिं पंचर ना होई जाय।................Pinku Jaiswal
मैं जो बात करने जा रहा हूं मैं कोई पॉलिटिक्स से कनेक्टेड नहीं ह. लेकिन यह बात पॉलिटिशियन हो द्वारा की गई है .गई कल अखिलेश यादव जी ने चुनावी रैली में एक बात की "अमिताभ बच्चन जी गुजरात के gadho गधों का प्रचार मत करें ." हकीकत में अमिताभ बच्चन जी गुजरात टूरिज्म के प्रतिनिधि के रूप में पूरे विश्व में एक दुर्लभ प्रजाति का एडवर्टाइजमेंट करते हैं .और यह प्रजाति अब खत्म होने की कगार पर हैं .गुडकर. ghudkhar. Namki यह प्रजाति अब पूरे एशिया में कहीं नहीं है और खत्म होने की कगार पर है . और यह प्रजाति को देखने के लिए पूरे विश्व सी लोग टूरिस्टों देखने के लिए गुजरात आते हैं ..यह दुर्लभ प्रजाति की कुछ विशेषता है .वह दौड़ने में बहुत तेज होता है .और jeepसे भी ज्यादा तेज रफ्तार से वह दौड़ते हैं .जंप इतना लंबा लगाते हैं जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते हैं 400 से 500 फिट तक लंबा जंप लगाते हैं .

और पूरे विश्व में खत्म होने की तैयारी में जो प्रजाति थी उसको गुजरात ने जिंदा रखा है , लेकिन यह प्रजाति कभी अपने से विरुद्ध प्रकृति के लोगों के साथ कभी घूमती नहीं है , वह दूसरे के अधिकारों को कभी छीनती नहीं है सिर्फ शाकाहार करती है जो चीज है शायद अखिलेश जी को उनके पास वह गधे के पास से सीखना पड़ेगा जिसको वह gadhhaकह रहे हैंg है एक दुर्लभ प्रजाति है यह अखिलेश को क्या मालूम है !
एजुकेशन में bhaleे ही अखिलेश जी ने बड़ी डिग्री या ली हो .लेकिन दिमागी दिवालियापन इसकी बात से देखने को मिल रहा ह.ै रही बात पॉलिटिक्स की अमिताभ बच्चन जी का पत्नी जया भादुरी जी जो अखिलेश की पार्टी है राज्यसभा में मेंबर है उनको पॉलिटिकल KHACHHARO का प्रचार करना पड़ता है .......Bhupendra Surana
बुरा मत मानिए. हम गुजराती सचमुच गधे है. गधे हैं ही नहीं, अपने गधेपन पर गर्व भी करते है. और ऐसा केवल गधे ही कर सकते है. देश के वर्तमान प्रधानमंत्री गधे है, शौचालय बनाने की बात करते है.
पूर्वप्रधानमंत्री मोरारजीभाई गधे थे, स्वदेशी की बात करते थे. दयानंद सरस्वती गधे थे. श्यामजी कृष्ण वर्मा गधे थे. मोहनदास गांधी गधे थे. गधों से भरा है, गुजरात.
लेकिन यह बात तो गधों की हुई. भारत की भूमि केवल गधों की भूमि नहीं है. यहाँ सुसभ्य महान विभूतियाँ भी अवतरित हुई है और अत्यंत सम्मानित भी है. एक मुख्यमंत्री देश के प्रधानमंत्री को विक्षिप्त कह कर भद्रता को नया आयाम देता है.
एक मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री को गधा कह कर नायकत्व को प्राप्त होता है. २५-२५ किताबों का वामपंथी लेखक अपने पायखाने में प्रधानमंत्री की फोटो लगा कर बुद्धिजीविता के शिखर पर पहुंचा जाता है.
भारत के टूकडे करने का नारा देकर कोई भगतसिंह से ज्यादा पूजनीय हो जाता है. ऐसे उदाहरण पग-पग पर मिल जाएंगे. लिखते लिखते थक जाएंगे. इन सब के बीच खड़ा गुजराती गधा ही नजर आएगा........ SANJAY BENGANI
पूर्वप्रधानमंत्री मोरारजीभाई गधे थे, स्वदेशी की बात करते थे. दयानंद सरस्वती गधे थे. श्यामजी कृष्ण वर्मा गधे थे. मोहनदास गांधी गधे थे. गधों से भरा है, गुजरात.
लेकिन यह बात तो गधों की हुई. भारत की भूमि केवल गधों की भूमि नहीं है. यहाँ सुसभ्य महान विभूतियाँ भी अवतरित हुई है और अत्यंत सम्मानित भी है. एक मुख्यमंत्री देश के प्रधानमंत्री को विक्षिप्त कह कर भद्रता को नया आयाम देता है.
एक मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री को गधा कह कर नायकत्व को प्राप्त होता है. २५-२५ किताबों का वामपंथी लेखक अपने पायखाने में प्रधानमंत्री की फोटो लगा कर बुद्धिजीविता के शिखर पर पहुंचा जाता है.
भारत के टूकडे करने का नारा देकर कोई भगतसिंह से ज्यादा पूजनीय हो जाता है. ऐसे उदाहरण पग-पग पर मिल जाएंगे. लिखते लिखते थक जाएंगे. इन सब के बीच खड़ा गुजराती गधा ही नजर आएगा........ SANJAY BENGANI
अखिलेश यादव .. तुम जैसा मुख्यमंत्री भारत में कोई और नही होगा ... तुमने ताजमहल, कशी विश्वनाथ, अयोध्या, मथुरा जैसे सैकड़ो एतिहासिक पर्यटन स्थल होते हुए भी टूरिज्म उद्योग नही बना सके ... वही गुजरात में जंगली गधे के सहारे देश में पर्यटन में केरल में बाद दुसरे स्थान पर पहुंच चुकी ..
तुम गुंडे भेजकर हिन्दुओ के घरो मकानों दुकानों पर कब्जा ही करते रहे .. और गुजरात टूरिज्म को विश्व स्तर का दो एवार्डभी मिला .. तथा राष्ट्रीय स्तर में कई एवार्ड मिले ... कच्छ जहाँ कभी कोई जाता ही नही था .. अब वहां के सफेद रण को देखने हजारो लोग जाते है .. एडवांस बुकिंग करवानी पडती है ... गिर फारेस्ट में आठ महीने का वेटिंग है ..
ये जंगली गधे जिन्हें स्थानीय भाषा में घुड़खर कहते है ..असल में ये घोड़े और गधे के क्रास ब्रिड है ... ये पुरे विश्व में सिर्फ कच्छ के लिटिल रन में ही मिलते है और मात्र 450 ही बचे है ... कच्छ के रण के इकोलोजी में इनका बेहद महत्वपूर्ण रोल है अखिलेश यादव सुना है तुम आस्ट्रेलिया में इंजीनियरिंग किये हो ... लेकिन अमर सिंह की वो बात याद आ गयी जब अमर सिंह ने कहा था की तुमने तो कभी क्लास रूम का मुंह ही नही देखा बल्कि मै खुद आस्ट्रेलिया जाकर पैसे देकर तुम्हे पास करवाता था ... वैसे अगर तुममे जरा भी समझ होती तो तुम मंच से गुजरात टूरिज्म का एड नही करते ...Jitendra Pratap Singh ji