हद हो गई दोगला पंथी की ! धार्मिक आधार पर हिन्दुओ का शोषण, पर ये ही तो सेकुलरिज्म है !

1300 करोड़ का हज़ हाऊस,रामलला को 1300 रूपये का तिरपाल न दे पाये ।बोलते है #कामबोलताहै................Pushp Jain

धार्मिक आधार पर हिन्दुओ का शोषण, पर ये ही तो सेकुलरिज्म है !

भारत के संसधानों पर पहला हक़ मुस्लिम समुदाय का है --: श्री मनमोहन सिंह !

अगर किसी गाँव में कब्रिस्तान बनाया जाता है तो श्मशान घाट का भी निर्माण होना चाहिए, अग
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रमज़ान में विद्युत् आपूर्ति होती है तो दिवाली के अवसर पर भी होनी चाहिए, अगर होली में बिजली 

मिलती है तो ईद पर भी मिलनी चाहिए--: श्री नरेंद्र मोदी !

पहला वाला बयान सेकुलर और दुसरा वाला बयान कम्युनल ! हद हो गई दोगला पंथी की !



कभी तिलक भी लगाना पड़ेगा, कभी टोपी भी पहननी पड़ेगी---: नितीश कुमार (बिहार CM)..
रमजान में बिजली देते हो तो दीपावली पर भी देनी पड़ेगी----: मोदी (PM) ..
नितीश कुमार जी के बयान को लेकर कितने सेकुलर ''गधो'' ने बिरोध किया था ? फिर मोदी जी के बयान का बिरोध क्यों ?
नितीश कुमार का बयान सेकुलर हो गया और मोदी जी का बयान कोम्युनल हो गया ? 
हद हो गई दोगला पंथी की !
          
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एक मुस्लिम बच्चे ने अपनी माँ से पूछा "अम्मी, ये सेकुलरिज्म (धर्म निरपेक्षता) क्या होता है?"
बुर्के में लिपटी महिला ने अपने बेटे को बताया, "बेटे, सेकुलरिज्म इस देश का वह सिस्टम है जिसमे हिन्दू करदाता जी तोड़ मेहनत कर सरकार को इतना टैक्स चुकाता है जिससे कि हम जैसे अल्पसंख्यकों को फ्री आवास, मदरसों में फ्री शिक्षा, फ्री मेडिकल ट्रीटमेंट, हज सब्सिडी आदि सुविधाएँ मिलती रहें, मंदिरों की हुंडियों का धन हमारे लिए प्रयोग किया जा सके किन्तु मस्जिदों में क्या हो रहा है, उस तरफ कोई आँख उठाकर देखने की भी हिम्मत ना कर सके । हमें कानून का संरक्षण तो मिले किन्तु कोई कानून हम पर लागू नहीं हो, इस प्रकार के जन्नतनुमा माहौल को ही सेकुलरिज्म कहते हैं ।"
“लेकिन अम्मी, इससे हिन्दू करदाता नाराज नहीं होते ?" बच्चे ने पूछा ।
"होते हैं बेटा, किन्तु उनके गुस्से को कुंद करने के लिए हम उनको साम्प्रदायिक बताना शुरू कर देते हैं ताकि उनको शर्मिंदगी महसूस हो । इस तरह कुछेक अड़ियल हिंदुओं को छोड़कर, बाक़ी सभी हिन्दू इस सेकुलरता नाम के जहर को प्रसाद समझ कर ना केवल ख़ुशी ख़ुशी स्वीकार कर लेते हैं बल्कि उन्हें अपने आप को सेक्युलर कहलवाने में गर्व भी महसूस होता है तथा वह अपने आप को सेक्युलर सिद्ध करने के प्रयास में लगे रहते हैं ।"
सेकुलरिज्म को इससे आसान शब्दों में आज तक नहीं समझाया गया होगI.......Sonal Rajput


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अखिलेश यादव का दावा है की ओ ईद से अधिक दिवाली पर बिजली देते है ! ईद पर अखिलेश यादव ने एक दिन में 13500 mw बिजली दी और दिवाली पर एक दिन में 15400 mw बिजली दी ! ज्यादा तो है ! पर कोई सपाई मुझे ये समझा दे की दिवाली के एक दिन में बिजली की खपत तीन गुना क्यों हो जाती है ? और जब 3 गुना हो जाती है तो मात्र 2000mw के अंतर के हिसाब से वो कैसे 24 घंटे बिजली दे दिए ! अबे अक्ल-लेश हिन्दुओ और मसुलमानों की जनसंख्या की तुलना करके देख ! 2000mw अधिक बिजली से क्या हिन्दुओ की विशाल आबादी के लिए पर्याप्त है ?.................Nageshwar Singh Baghel