पीएम के तौर पर 65 फीसदी लोगों ने नरेंद्र मोदी को चुना है वहीं राहुल गांधी को 10 फीसदी ।

अब कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी से गठबंधन कर लिया है तो लोग कांग्रेस के उस नारे के बारे में पूछ रहे हैं जो उनके नेता पिछले दो-तीन महीने से लगा रहे हैं। यह नारा है - 27 साल यूपी बेहाल। इसका मतलब है कि मुलायम, अखिलेश और मायावती के 27 साल के कार्यकाल में यूपी का हाल बेहाल हो गया। कांग्रेस ने उसी पार्टी से हाथ मिला लिया जिसने यूपी की हालत खराब कर रखी है।
हैरान करने वाली बात यह है कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी दोनों ही कहते थे कि नोटबंदी से गरीब, किसान और व्यापारी परेशान हैं। वे यूपी चुनावों में बीजेपी को सबक सिखायेंगे, ऐसे में दोनों पार्टियों को गठबंधन करने की जरूरत क्यों पड़ी। कहीं ये लोग बीजेपी के सामने अपनी हार तो नहीं देख रहे हैं। जाहिर है हार के डर से ही दोनों पार्टियों ने मिलकर लड़ने का फैसला किया है।


सर्वे: अभी आम चुनाव हुए तो NDA को मिलेंगी 360 सीटें, 69% लोगों ने PM मोदी के काम को सराहा
केंद्र की सत्ता में एनडीए सरकार के गठन को ढाई साल बीत चुके हैं, लेकिन अब भी उसकी लोकप्रियता बनी हुई है। इंडिया टुडे ग्रुप और KARVY INSIGHTS के सर्वे के मुताबिक यदि मौजूदा वक्त में लोकसभा चुनाव हो जाएं तो एनडीए 360 सीटों के साथ केंद्र की सत्ता में लौट सकता है। यूपीए को 60 और अन्य को 123 सीटें मिलने का अनुमान है। 19 राज्यों में 12,143 लोगों पर किए गए सर्वे के मुताबिक यदि तत्काल चुनाव होता है तो बीजेपी की लीडरशिप वाले एनडीए को 42 पर्सेंट वोट मिलेंगे, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए गठबंधन को महज 25 पर्सेंट वोट ही मिल सकेंगे।
हालांकि यूपीए की तुलना में अन्य दल मजबूती से उभरते दिख रहे हैं और इन्हें 33 पर्सेंट मत वोट मिल सकते हैं। प्रधानमंत्री के तौर पर पीएम मोदी के के कामकाज को 69 पर्सेंट लोगों ने अच्छा माना है। 19 फीसदी लोगों ने मोदी के काम को औसत करार दिया है, जबकि 3 पर्सेंट लोगों ने खराब और 6 फीसदी ने बेहद खराब करार दिया है। हालांकि एनडीए सरकार के काम को 71 फीसदी लोगों ने सराहा है। 97 संसदीय और 194 विधानसभा क्षेत्रों में किए गए सर्वे के मुताबिक यदि अभी चुनाव होता है तो पीएम उम्मीदवार के तौर पर पीएम मोदी सबसे बेहतर विकल्प होंगे।
पीएम उम्मीदवार के तौर पर 65 फीसदी लोगों ने नरेंद्र मोदी को चुना है। वहीं, राहुल गांधी को 10 फीसदी और सोनिया गांधी को 4 पर्सेंट लोगों ने अपनी पसंद बताया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायम सिंह को 1 पर्सेंट और बीएसपी चीफ माया को भी एक पर्सेंट लोगों ने पीएम उम्मीदवार की पसंद बताया है। मोदी कैबिनेट में वित्त मंत्री अरुण जेटली को 2 पर्सेंट लोग पीएम पद का दावेदार मानते हैं, जबकि बीजेपी चीफ अमित शाह और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी 1 पर्सेंट लोगों की पसंद हैं। केजरीवाल, प्रियंका गांधी और नीतीश कुमार को 2 पर्सेंट लोगों ने चुना है।
नोटबंदी को भी मिल रहा जोरदार समर्थन
पीएम नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले को भी लोगों का बंपर समर्थन मिलता दिख रहा है। सर्वे में 45 पर्सेंट लोगों ने माना है कि इससे ब्लैक मनी पर लगाम कसी जा सकेगी, जबकि 35 पर्सेंट ने इसे इकॉनमी के लिए अच्छा करार दिया है। हालांकि 7 पर्सेंट लोगों का मानना है कि इससे अर्थव्यवस्था कमजोर होगी, जबकि 7 पर्सेंट लोग इस सिर्फ चुनावी चाल करार दे रहे हैं। इस फैसले से कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद 58 पर्सेंट लोगों ने जताई, जबकि 34 फीसदी मानते हैं कि इससे कोई खास असर नहीं होने वाला है।

मंत्रियों में अरुण जेटली का कामकाज अव्वल
सर्वे में शामिल लोगों ने बतौर मंत्री अरुण जेटली के काम को सबसे ज्यादा सराहा है। 23 पर्सेंट लोगों ने उनके काम को बेहतर माना है, जबकि सुषमा स्वराज और गृह मंत्री राजनाथ सिंह के पक्ष में 21 फीसदी लोग हैं। मनोहर पर्रिकर के काम को 13 फीसदी लोग अच्छा मानते हैं, जबकि 12 पर्सेंट लोगों ने उमा भारती को बेहतर मंत्री माना है।

तीसरे विकल्प के मुखिया के तौर पर केजरीवाल पहली पसंद
पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ तीसरे विकल्प का नेतृत्व करने को लेकर 11 पर्सेंट लोगों ने अरविंद केजरीवाल अपनी पसंद माना है। नीतीश कुमार की लीडरशिप में 10 पर्सेंट लोग तीसरे मोर्चे का बेहतर भविष्य देखते हैं। मोदी के विकल्प के तौर पर 13 पर्सेंट लोग नीतीश कुमार को अपनी पसंद मानते हैं, जबकि 10 पर्सेंट लोग केजरीवाल को मोदी के विकल्प के तौर पर देखते हैं।..............Tanmay Modh