तीन तलाक और हलाला से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं का मोदीजी से हौसला बढ़ा है वे उनसे न्याय मांग रही है।

गाजियाबाद। देश में तीन तलाक और हलाला से पीड़ित मुस्लिम महिलाओं ने इसके खिलाफ आवाज़ बुलंद की है। उन्होंने न्याय न मिलने पर हिन्दू धर्म अपनाने का रास्ता चुना है। अब ऐसा ही एक मामला सामने आया है।हलाला पीड़ित एक मुस्लिम महिला ने न्याय न मिलने पर हिंदू धर्म अपनाने की चेतावनी दी है। हलाला के चलते उसने दूसरा निकाह किया था। लेकिन अब दूसरा पति न तो तलाक दे रहा है और न ही उसे साथ रख रहा है। वह किसी दूसरी युवती से शादी कर पिछले सवा साल से फरार है। पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए जय-शिव सेना संस्था ने बीड़ा उठाया है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित आर्यन ने कहा कि यदि महिला को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन किया जाएगा।




आजकल ये बहुत देखने को मिल रहा है कि मुस्लिम महिलायें इस्लाम छोड़कर हिन्दू धर्म अपना रही है। आखिर ऐसा क्या है इस्लाम में जो उन्हें धर्म परिवर्तन अपनाने के लिए मजबूर कर रहा है। हाल ही में गाजियाबाद की शबनम नाम की मुस्लिम महिला हिन्दू धर्म अपनाकर दामिनी बन गई। दामिनी के बाद अब और भी पीड़ित मुस्लिम महिलाओं का हौसला बढ़ा है और वे हिन्दू धर्म कि ओर बढ़ रही है।

Image may contain: one or more people



बुधवार को पीड़िता प्रेसवार्ता के माध्यम से मीडिया से मुखातिब हुई और पीड़ा बताई। उसने बताया कि वह दिल्ली के जहांगीरपुर की रहने वाली है और उसकी शादी 13 वर्ष की आयु में तलाकशुदा लोनी निवासी 26 वर्षीय व्यक्ति से हुई थी।
शादी के बाद उसे तीन संतान हुई और पति उसे प्रताड़ित करता था। इसके चलते तीन वर्ष पूर्व उसका पति से तलाक हो गया। इसके बाद उसने तीन माह की इद्दत की और उसकी शादी लोनी निवासी दूसरे युवक से हो गई। दूसरे पति से उसे सवा साल पूर्व बेटी पैदा हुई। उसी समय उसके पति ने दूसरी युवती से शादी कर ली। तब से वह न्याय के लिए भटक रही है।




बच्चों के पालन-पोषण में काफी कठिनाई हो रही है। इस संबंध में उसने नवंबर में पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ लोनी थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी, लेकिन पुलिस भी कोई मदद नहीं कर रही है।इस्लाम में यह पॉलिसी है कि अगर दंपती के बीच में संबंध खराब हो चुके हैं तो शादी को खत्म कर दिया जाए। तीन तलाक की इजाजत है क्योंकि पति सही निर्णय ले सकता है, वह जल्दबाजी में फैसला नहीं लेते। तीन तलाक तभी इस्तेमाल किया जाता है जब वैलिड ग्राउंड हो। इसी कारण मुस्लिम महिलाओं का शोषण हो रहा है। मुस्लिम महिलाओं के समानता का अधिकार का मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।