जब छोटा था तो सोचता था कि रेल ड्रायवर ( देश का ड्राइवर मोदी) अपनी मर्जी से रेल को मोड़, दौड़ा और रोक सकता है !

मैं जब छोटा था तब सोचता था कि रेल का ड्रायवर अपनी मर्जी से रेल चलाता है जहाँ इच्छा हो वहां रेल को मोड़ सकता है जब चाहे तब रेल को दौड़ा सकता है और रोक सकता है, जैसे जैसे समझ आई तब जान पाया कि रेल इंजन का ड्रायवर अपनी मर्जी से दौ सिग्नलों के बीच में सिर्फ रेल की रफ़्तार घटा बढ़ा सकता है बाक़ी का काम आगामी रेलवे स्टेशनों के अधिकारी और कर्मचारी तय करते हैं!

किसी भी देश का प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति देश की योजनाओं को रफ़्तार दे सकता है या धीमा कर सकता है लेकिन कुछ निर्णयों को लेने में विश्वभर के लिए बनाए गए कानूनों को भी ध्यान में रखना पड़ता है अपने देश के भविष्य, वर्तमान की परिस्थितिया उसके निर्णयों को नियंत्रित करती हैं I

दोस्तों मोदी जी इस देश के इतिहास के सबसे अक्लमंद, देशभक्त, राष्ट्रवादी पी.एम हैं वे कायर नहीं है चुनावों के जोश में कुछ अतिश्योक्तिपूर्ण बाते भी उन्होंने कहीं है लेकिन इसका यह मतलब यह तो नहीं हम उनकी गर्दन से ही लटक जाएँ, 
देश जबसे आज़ाद हुआ है तब से खानग्रेस आजतक भारत की गरीबी दूर करने का संकल्प करने का ढोंग करती आयी है क्या गरीबी खत्म हुई I



लेकिन आजतक मैंने किसी खानग्रेसी को सबसे ज्यादा मूर्ख बनाने वाले खानदान की गर्दन से लटकते हुए नहीं देखा, तो भाइयों तुम भी अपने नेता पर भरोसा रखो मोदी जी को हमारी और हमारे देश की आज भी उतनी ही फ़िक्र है जितनी पहले थी, उन पर हमारा भरोसा ही उनकी शक्ति है इसे कम ना होने दे.I

उरी हमले के बाद भारत में युद्धोन्माद चरम पर था, जाहिर है मैं भी मुट्ठियाँ भींच रहा था कि मोदी जी मंदमोहन मोहन के समय तो बड़ी बड़ी बातें किया करते थे कि जिस भाषा में पाकिस्तान समझता है उसी भाषा में उसे समझाया जाना चाहिए वगैरह वगैरह !  
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यह सोच मेरी तब थी जब मेरे पिताजी ने दौ युद्धों 65 और 71 में भाग लिया था और मेरी माँ ने मराठा रेजीमेंट की विधवाओं को चीख चीखकर बेहोश होते हुआ देखा था, इतना सब कुछ झेलने वाले को जब पाकिस्तान से युद्ध की कामना हो सकती है तो सोफे पर बिना हिले डुले नेट से पिज्जा, बर्गर मंगवाने वालों का गुस्सा सातवे आसमान पर होना कोई आश्चर्यजनक बात नहीं है, :मेरा दिल हमेशा से यह मानता रहा है मोदी जी हमसे ज्यादा बड़े वाले राष्ट्रवादी हैं हमसे ज्यादा कट्टर हिन्दू हैं !
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अजीत भोंसले