प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू सत्ता में आने के करीब साढ़े तीन साल बाद भी लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है। विपक्ष की तमाम आलोचनाओं के बावजूद देश-विदेश में उनकी लोकप्रियता बनी हुई और कई मायनों में बढ़ी भी है। न सिर्फ उनके बोलने का अंदाज लोगों को भाता है, बल्कि वह सोशल मीडिया पर भी छाए रहते हैं। दो दिन पहले एक सर्वेक्षण में बताया जा चुका है कि वह अब भी भारतीय राजनीति में सबसे लोकप्रिय हस्ती बने हुए हैं। अब एक अन्य अध्ययन के जरिये यह बताया गया है कि आखिर वह सोशल मीडिया खासकर माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर क्यों इतने मशहूर हैं और बड़ी तादाद में लोग उन्हें क्यों फॉलो करते हैं।
प्रधानमंत्री मोदी के ट्विटर पर तीन करोड़ 60 लाख फॉलोअर्स हैं। उनके ट्वीट पर अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी ने यह अध्ययन किया है और उनके ट्वीट पैटर्न को लेकर रोचक जानकारी सामने रखी है। यह अध्ययन साल साल तक किया गया और इसमें उनके 9,000 से ज्यादा ट्वीट्स का अध्ययन किया गया। अध्ययन के नतीजों में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी व्यापक स्तर पर लोकप्रिय बनने और अपने राजनीतिक अंदाज को नया रूप देने के लिए राजनीतिक हास्य और व्यंग्य का इस्तेमाल करते हैं। अध्ययन में खासतौर से 'सोशल मीडिया वेपन' के तौर पर उनके व्यंग्य पर फोकस किया गया।
यह अध्ययन यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन के स्कूल ऑफ इन्फोर्मेशन ने किया, जिसके नतीजे इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कम्युनिकेशन में प्रकाशित हुए। अध्ययन के अनुसार, भारत के प्रधानमंत्री प्रमुख रूप से नौ विषयों पर ट्वीट करते हैं, जो हैं- क्रिकेट, राहुल गांधी (कांग्रेस पार्टी के उपाध्यक्ष), मनोरंजन, व्यंग्य, भ्रष्टाचार, विकास, विदेशी मामले, हिंदू धर्म, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी।
यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन स्कूल ऑफ इन्फोर्मेशन ने छह साल की अवधि के दौरान मोदी के 9,000 से ज्यादा ट्वीट्स का अध्ययन किया। यह अध्ययन इंटरनेशनल जर्नल ऑफ कम्युनिकेशन में प्रकाशित हुआ है। विश्वविद्यालय में सूचना मामलों के सहायक प्रोफेसर और अध्ययन के लेखक जॉयोजीत पाल ने कहा, 'हमने यह बताने की कोशिश की कि आखिर कौन सी बात उन्हें लोकप्रिय बनाती है? मोदी जिस तरह से व्यंग्य करते हैं, उससे सोशल राजनीतिक हलचल पैदा हो जाती है, जिसका असर सोशल मीडिया पर भी दिखता है। उनके ऐसे व्यंग्यात्मक ट्वीट्स को कई बार रीट्वीट किए जाते हैं।'
अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि मोदी के कई व्यंग्यात्मक ट्वीट चुनाव और प्रचार अभियान के आस-पास केंद्रित थे। आम चुनाव के दौरान उन्होंने जिस तरह के ट्वीट्स किए, उसमें उन्होंने मुख्य विपक्षी पार्टी को भ्रष्ट और कांग्रेस उपाध्यक्ष(राहुल गांधी) को 'राहुल बाबा' तथा 'शाहजादा' कहकर संबोधित किया। इस तरह के ट्वीट्स के जरिये दरअसल वह संकेत दे रहे थे कि कांग्रेस अपनी जड़ों से जुड़ी नहीं रह गई है।
पाल के अनुसार, मोदी ने अपने बयानों से कई हमले किए, शब्दाडम्बरों का इस्तेमाल किया, होशियारी से शब्दों का इस्तेमाल कर विरोधियों पर निशाना साधा और चुटकुले सुनाए, जिसने लोगों की खूब वाहवाही बटोरी।
Inputs from Times