दुनियाभर में फेल वामपंथ सिर्फ भारत में जिंदा है ! भारत के कम्युनिस्ट क्या है, कौन है, थोड़ा समझिए !


आतंकी पाकिस्तान के खिलाफ बोलना हो तो  केवल आरएसएस बीजेपी ABVP और हिन्दू संगठन बोलेंगे बाकि सब चुप.......गौहत्या, अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ बोलना हो  तो केवल आरएसएस बीजेपी ABVP और हिन्दू संगठन बोलेंगे बाकि सब चुप........सैनिको के पक्ष में, राम मंदिर के पक्ष में, यूनिफार्म सिविल कोड के पक्ष में, धारा 370 के खिलाफ बोलना हो तो केवल आरएसएस बीजेपी ABVP और हिन्दू संगठन बोलेंगे बाकि सब चुप........देशद्रोही वामपंथियों, जिहादियों, सेक्युलर मीडिया वालो के खिलाफ बोलना हो  तो केवल आरएसएस बीजेपी ABVP और हिन्दू संगठन बोलेंगे बाकि सब चुप.........और इसी भारतीय उदार विचारधारा के कारण वामपंथ सिर्फ भारत में जिंदा बचा है जबकि पूरी दुनिया में ठुकरा दिया गया है अब तो ये एक फेल आक्रामक विचारधारा के रूप में कुछ समूहों के बीच सिमट गई है !


बीजेपी के नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सही कहा कि यह वामपंथी जो हैं सिर्फ प्रचार-प्रसार पर चलते हैं. यह ऐसे लोग हैं जो दुनिया में विफल हो गए हैं. अब सिर्फ भारत में मार्क्सवाद की बात होती है, चाइना में भी बात नहीं होती. आज जो दिवालापन निकली हुई सोंच को ये लेकर घूम रहे हैं और हिंसा करते हैं, यह सही नहीं है. नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत इन सबके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. जो लड़की अपने पिताजी के बलिदान पर सस्ती बात करने आगे आई है उसने ऐसे ही रेप का झूठा आरोप लगा दिया. यह गलत है ऐसे संविधान का दुरुपयोग नहीं हो सकता है.

Image may contain: one or more people and outdoorImage may contain: one or more people, crowd and outdoor



मित्रों, जैसे की आजकल हम सब ने वामपंथी-कम्युनिस्टों की वास्तविक सच्चाई को जन-जन तक पहुंचाने की जंग छेड़ी हुई है कि कैसे इन्होने अपने आतंक के दम पर भारत देश को तबाह करने का काम किया। अभी भी बहुत से लोगों को ये नहीं मालूम कि आखिर ये वामपंथ क्या बला है? अब हम सबको मिलके इन वामपंथियों के काले इतिहास को हर उस व्यक्ति तक पहुंचाना है जो अभी तक सोया हुआ है। इसी क्रम मे मैंने फेसबुक पर वामपंथी-कम्युनिस्टों की सच्चाई सरल भाषा मे बताता एक लेख पढ़ा तो सोचा आप सभी से शेयर कर लूँ। जिस भी अपरिचित व्यक्ति ने ये लिखा है उसको मेरा सलाम।

भारत के कम्युनिस्ट क्या है, कौन है, थोड़ा समझिए..

Image may contain: sky and outdoor

यदि आपके घर में काम करने वाले नौकर से कोई आकर कहे, कि तुम्हारा मालिक तुमसे ज्यादा क्यों कमा रहा है? तुम उसके यहां काम मत करो, उसके खिलाफ आंदोलन करो, उसे मारो और अगर जरूरत पड़े तो हथियार उठाओ, हथियार मैं ला कर दूंगा। यह सलाह देने वाला व्यक्ति कम्युनिस्ट है।
अगर कोई गरीब मजदूर, जो किसी ठेकेदार या किसी पुलिस वाले का सताया हो, उसको यह कहकर भड़काना, कि पूरी सरकार तुम्हारी दुश्मन है, इन्हें मारो और अपना खुद का राज्य बनाओ। तुम्हें हथियार में दूंगा। यह आदमी कम्युनिस्ट है।
एक चलते हुए कारखाने को कैसे बंद करना है, एक सुरक्षित देश में कैसे सेंध लगानी है, अच्छे खासे युवा के दिमाग में कैसे देशद्रोही का बीज बोना है, किसी सिस्टम के सताए मजबूर इंसान को कैसे राष्ट्रविरोधी नक्सली बनाना है.. यह सब कम्युनिस्टों की विचारधारा है।

No automatic alt text available.Image may contain: 6 people, text

जहाँ-जहाँ जिस-जिस देश में कम्युनिस्ट हुए हैं, वहां सिवाय नुकसान और तबाही के कुछ नहीं हुआ। मेरी समझ में तो वामपंथी, कम्युनिस्ट, मार्क्सवाद और नक्सलवाद सब यही है। किसी ने और कुछ समझा हो तो मैं उनकी सोच को प्रणाम करता हूँ। धन्यवाद !........

Devendra Singh Negi ..... निखिल कट्टरहिन्दु गोस्वामी         Ashok Jain