
शत्रुघ्न सिन्हा, अरविंद केजरीवाल, जावेद अख्तर, बुरखा दत्त, रवीश कुमार को देश के विरुद्ध भौंकने की तो आजादी चाहिए पर वीरेंद्र सहवाग, बबिता फोगाट जैसे देश भक्तों को इनके प्रतिकार की आज़ादी से ही इन सबका पिछवा क्यों सुलगने लगता है ?इस आस्तीन के सांपोँ को क्यों और कब तक दूध पिलाया जायेगा ?.....Nageshwar Singh Baghel
सोच रहा हूँ कुछ आज़ादी के नारे मैं भी लगा लूँ...POK माँगे आज़ादी..अक्साई चिन माँगे आज़ादी..बलोचिस्तान माँगे आज़ादी.....सिंध माँगे आज़ादी.. तिब्बत के लिए दलाई लामा लड़ रहे, चीन के कब्ज़े से माँगे आज़ादी.......
बुर्के से भी आजादी...तीन तलाक से आजादी ..हलाला से भी आजादी ..कठमुल्लेपन से आजादी ...फतवों से भी आजादी ....
370 से आजादी ..पर्सनल लॉ से आजादी...
क्या हुआ कॉमरेड आज़ादी तो तुमको पसंद है ना? साथ नहीं दोगे या टुकड़े बंद होने का डर सताने लगा...