यू पी के हिंदुवो को तो गधा क्या जुड़वाँ गधे भी पसँद हे अगर उनका काम जमीन पर भी दीखता हो !!
मुद्दा ये नहीं है कि मोदी सांप्रदायिक है या नहीं..मुद्दा ये भी नहीं है कि वो हिंदूवादी राजनीति करते हैं या नहीं ?? मुद्दा ये है कि क्या भारत की 80 प्रतिशत जनता से जुड़े किसी सूक्ष्म हित की बात करना भी गुनाह है....बात भी कोई ""धार्मिक यात्रा पर सब्सिडी,बेटियों के ब्याह के लिए सहायता या साइकल/लैपटॉप""की नहीं....बुनियादी जरूरतों बिजली,पानी या शमसान जैसी.....तुम्हारी इतने में ही काहे सुलगने लगी ??
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तकलीफ एक ही है...विपक्ष के पास मोदी को घेरने के लिए मुद्दों का अकाल है....मोदी किसी सभा में क्या बोलता है.....वो सुनो फिर मोदी की जीभ पकड़ के लटक जाओ....फलां शब्द क्यों बोला....फलां बात का जिक्र क्यों किया....वैसे ये बात ज्यादा मायने रखती है कि जिस बात पर आप मोदी को घेरने की कोशिश करते हो उससे जनता का क्या भला होने वाला है ??....आप विकास,स्वास्थ्य-सुविधाओं, शिक्षा, यातायात,औद्योगीकरण या रोजगार जैसे वास्तविक मुद्दों पर मोदी को क्यों नहीं घेरते ??






सरकार के नजर मे हिंदू हो या कोई और धर्म सब बराबर होने चाहिए..
पीएम ने गलत क्या कहा?
पीएम ने गलत क्या कहा?
मोदी के जोरदार हमले से कोंग्रेस डरी....प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान को लेकर सियासत गरमा गई है। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में एक चुनावी रैली में पीएम मोदी के 'कब्रिस्तान और श्मशान' संबंधी बयान को लेकर कांग्रेस अब चुनाव आयोग में शिकायत करेगी।
मोदी के सच बोलने से कोंग्रेस और समाजवादी पार्टी घबरा गई है ,धर्म के नाम पर मोदी ने वोट नही माँगे बल्कि उलटा राहुल और अखिलेश को चेताया कि सभी धर्म और जाति को समान सुविधा दी जाये ,मोदी ने सही कहा था कि रमजान पर बिजली हो तो दिवाली पर भी हो , होली पर बिजली हो तो ईद पर भी हो ,यदि कब्रस्तान बनते है तो श्मशान घाट भी बने ,असल में मोदी जनता को ये समजाने कामयाब हो गये कि अखिलेश सरकार हिंदु विरोधी है ,कोंग्रेस यदि चुनाव आयोग के पास जाती है तो उसे वहाँ ठेंगा ही मिलेगा और कुछ नही क्योंकि मोदी के कल के भाषण में आपत्तिजनक कुछ भी नही था, copy


कांग्रेस आतंकी प्रेम की बजह से आज देश कांग्रेस मुक्त होता जा रहा है और हर जगह कमल खिलता जा रहा है।


क्या भारत की एक मात्र समस्या जाति और धर्म ही है.....मैं ब्राह्मण हूँ....कल को अगर मैं ब्राह्मण ना भी रहूँ तो उससे मेरे जीवन में क्या फर्क पड़ने वाला है ?? कुछ नहीं...मेरी जरूरतें हैं रोजगार और अन्य मूल सुविधाएं....वो अगर मुझे मिल रही हैं तो अपनी जाति को चाटने में मुझे कोई इंटरेस्ट नहीं है....भाड़ में जाए जाति....
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सालों से वोट्स के लिए अल्पसंख्यकों का पिछवाड़ा चाटने वाले जब मोदी को साम्प्रदायिक कहते हैं तो वास्तव में हँसी आती है...मजे की बात ये है कि इन लोगों ने भी अल्पसंख्यकों को केवल रबर के लॉलीपॉप ही चुसाए हैं आजतक...copy

