बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि पार्टी सभी धर्मों का बराबर आदर करती है। टिकट दें या नहीं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। वैसे भी हमें जीतने लायक पैमाने पर अगर बीस मुस्लिम कार्यकर्ता भी मिलते तो हम विचार अवश्य करते। हमारी नजर और नजरिया दोनों सही है। हम धार्मिक चश्में से लोगों को नहीं देखते।
बीजेपी में मुस्लिम भाजपा का वोटर नहीं है।अब चुनाव हारने के लिए तो टिकट बांटे नहीं जाते।राजस्थान में बीजेपी उम्मीदवार युनुसखान को मुस्लिम वोट देते हैं,वो जीतकर हरबार मंत्री बनते हैं। फिलहाल युनुसखान सेकण्ड टू सीएम का कद रखते हैं,कोई विरोध नहीं, सोचना तो मुसलमानों को है।
सभी पार्टियो के नेता बोलते है कि बीजेपी मुस्लिमो कि दुश्मन है फिर उनको टिकट क्यों? वैसे भी टिकटों का घमासान चल रहा है।




देखो भाई ऐसा कि मुस्लिम बहुत है मगर जिस मुस्लिम मे धर्म से पहले देश हो वो बीजेपी से टिकट ले सकता है, मगर कोई नही मिलता है, जो एजुकेट लोग से पुछ लो टीवी आकर मौलाना देश बाद मे धर्म पहले कहता है, जानते बीजेपी राष्ट्रबाद के साथ सेकुलरबाद आता है। मुसलमान बिजली, पानी, सड़क और रोजगार के लिए वोट नहीं देता बल्कि वो सिर्फ बीजेपी को रोकने के लिए वोट देता है क्योकि उसे लगता है कि बीजेपी के जीतने से इस्लाम का विस्तार रुक जाएगा और इस्लाम खतरे में आ जायेगा ।
कुछ लोग शाहनवाज हुसैन को बोल रहे है, “शाहनवाज हुसैन तुम से बड़ा ना लायक दुनिया मे पैदा नही हुआ है , मुसलमान के नाम पर धब्बा हो तुम, थोड़ी सी भी शर्म गेरत है , तो सभी मुसलमानो से हाथ जोड़कर माफी मांगो तुम्हारी औकात क्या है , सभी मुसलमानो पर उंगली उठाने की “
क्या फरक पड़ता है वैसे भी जो मुस्लिम सपोर्ट करता है बीजेपी को वो सच्चा मुसलमान नही होता
बीजेपी में मुस्लिम भाजपा का वोटर नहीं है।अब चुनाव हारने के लिए तो टिकट बांटे नहीं जाते।राजस्थान में बीजेपी उम्मीदवार युनुसखान को मुस्लिम वोट देते हैं,वो जीतकर हरबार मंत्री बनते हैं। फिलहाल युनुसखान सेकण्ड टू सीएम का कद रखते हैं,कोई विरोध नहीं, सोचना तो मुसलमानों को है।
सभी पार्टियो के नेता बोलते है कि बीजेपी मुस्लिमो कि दुश्मन है फिर उनको टिकट क्यों? वैसे भी टिकटों का घमासान चल रहा है।



कुछ लोग शाहनवाज हुसैन को बोल रहे है, “शाहनवाज हुसैन तुम से बड़ा ना लायक दुनिया मे पैदा नही हुआ है , मुसलमान के नाम पर धब्बा हो तुम, थोड़ी सी भी शर्म गेरत है , तो सभी मुसलमानो से हाथ जोड़कर माफी मांगो तुम्हारी औकात क्या है , सभी मुसलमानो पर उंगली उठाने की “
क्या फरक पड़ता है वैसे भी जो मुस्लिम सपोर्ट करता है बीजेपी को वो सच्चा मुसलमान नही होता