ओड़ीशा में बीजेपी की इस जीत को 2019 की लोकसभा चुनाव के लिए अच्छे संकेत के रूप में देखा जा रहा है.

तृतीय चरण की १७५ सीट्स में बी जे पी  नब्बे  से ज्यादा सीट में  अंतिम समाचार आने तक आगे है। यानी बी जे डी के आगे है , क्या इस जीत को ओड़ीशा में बीजेपी की  2019 की लोकसभा चुनाव के लिए अच्छे संकेत के रूप में देखा जान सही नहीं है ?

ओडिशा में हुए दूसरे चरण के स्थानीय निकाय चुनाव के 174 में से 173 नतीजे आए. इन परिणामों में जहां बीजेडी को 93 सीटें मिलीं, वहीं बीजेपी ने 61 सीटें जीतीं. इसके अलावा कांग्रेस को 16 और अन्य के खाते में सिर्फ 3 सीटें आईं. ओडिशा के नतीजों से खुश होकर पीएम मोदी ने यूपी की रैली में जीत का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि स्थानीय निकायों के चुनावों में मिली जीत बता रही है की बीजेपी किस रफ्तार से राज्य में आगे बढ़ रही है। 

ओड़ीशा में भाजपा को नई चुनावी सफलता, प्रथम चरण के पंचायत चुनावों में 71 सीटों पर कब्जा। ... ईस पर 
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री और दिल्ली में ओडिशा के चेहरे कहे जाने वाले धर्मेंद्र प्रधान ने इस जीत पर कहा कि मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का मुखौटा अब उतरने लगा है. !

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ओड़ीशा में भाजपा को नई चुनावी सफलता, प्रथम चरण के पंचायत चुनावों में 71 सीटों पर कब्जा
ओडिशा में पांच चरणों में हो रहे पंचायत चुनावों में बीजेपी ने भारी उलटफेर किया है. पार्टी ने पहले चरण में 188 सीटों के लिए हुए चुनावों में 71 सीटों पर जीत हासिल की है. राज्य में सत्ताधारी नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल ने 94 सीटों पर जीत हासिल की है, कांग्रेस के खाते में 9 सीटें आईं हैं. बीजेपी की इस जीत से बीजद और कांग्रेस को झटका लगा है.
2012 में कुल 853 जिला परिषद की सीटों पर बीजेपी ने केवल 36 सीटों पर जीत हासिल की थी. बीजू जनता दल के खाते में 651 सीटें गईं थी. कांग्रेस ने 128 सीटों पर कब्‍जा किया था.

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अभी बाकी है तीन चरणों का चुनाव ...ओडिशा में अभी पंचायत चुनावों के तीन दौर बाकी हैं. पहले ही चरण में हासिल हुई जीत से माना जा रहा है कि बीजेपी बाकी के चरणों में और भी बढ़त बना सकती है और बीजद को पीछे छोड़ सकती है. बता दें कि 21 फरवरी को यहां अंतिम चरण की वोटिंग होगी.

बीजद ने लगाई थी पूरी ताकत......राज्य की सत्ताधारी पार्टी बीजू जनता दल ने इन चुनावों के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी. पार्टी ने कई फिल्मी सितारों को भी चुनाव प्रचार के लिए उतारा था.
नोटबंदी के बाद स्थानीय निकाय चुनावों में पहले भी जीत......नोटबंदी के बाद स्थानीय निकायों के चुनाव में भाजपा ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. बीते साल नोटबंदी के बाद महाराष्ट्र में हुए निकाय चुनावों में और चंडीगढ़ में हुए नगर निगम चुनाव में भी भाजपा को ज्यादा सीटें मिलीं. नवंबर गुजरात में भी स्थानीय निकायों के उपचुनाव में पार्टी ने 126 में से 109 सीटों पर जीत हासिल की थी. बीजेपी की इस जीत को 2019 की लोकसभा चुनाव के लिए अच्छे संकेत के रूप में देखा जा रहा है......Tanmay Modh