
*भेड़ों से नेताजी ने वादा किया कि वे हर भेड़ को एक-एक कम्बल देने जा रहे है।*
*भेड़ों का झुण्ड ख़ुशी से झूम उठा । उनकी हर्ष ध्वनि से आकाश में चहुंओर मिमियाहट गूंजने लगी।*
*फिर एक मेमने ने धीरे से अपनी माँ से पूछ लिया : ये नेताजी हमारे कम्बलों के लिए ऊन कहाँ से लाने वाले हैं ?*
*फिर वहां सन्नाटा था ।।*.......सत्येन्द्र कुमार


*काश कि ये सवाल लोग राजनीतिक दलो से पूछते कि फ्री चीनी, दुध,
घी,मोबाइल फोन, साईकल , लेपटॉप आदि कहाँ से ला कर देगें ?*


एक चूक बहुत भारी पडेगी। सिर्फ यूपी नहीं पूरा देश जातिवाद, अराजकता और मुस्लिम तुष्टीकरण का शिकार होगा। पछताना भी किसी काम नहीं आयेगा। चूक हम करेंगे, भुगतेंगी पीढियां। लम्हों ने खता की है, सदियों ने सजा पायी।...Vcp Agnihotri



एक चूक बहुत भारी पडेगी। सिर्फ यूपी नहीं पूरा देश जातिवाद, अराजकता और मुस्लिम तुष्टीकरण का शिकार होगा। पछताना भी किसी काम नहीं आयेगा। चूक हम करेंगे, भुगतेंगी पीढियां। लम्हों ने खता की है, सदियों ने सजा पायी।...Vcp Agnihotri
अरबी गुलामों की जानी पहचानी नीति रही है की पहले कमजोर से मिलकर ताकतवर से लड़ो और उसे परास्त करने के बाद कमजोर को जब चाहो कच्चा चबा जाओ.....यही होगा फ़िर से अगर कतिथ दलितों के आँखे समय से ना खुली तो
कैराना में २००१ में ५२% हिन्दू थे ..फिर २०११ में ३०% हो गए और उसके बाद २०१६ में मात्र ८% | इस पूरी प्रक्रिया में शांतिदूतों ने यादव , कुर्मी , बाभन , तेली , चमार , नाई ..या भंगी नहीं देखा |
जो यादव बन्धु , अखिलेश के नाम पर खुद को समाजवादी पार्टी से जुड़ा पा रहे हैं और यादव - मुस्लिम गठबंधन की पींग भर रहे हैं ..उन्हें यह बात समझनी होगी कि जब शांतिदूत हिन्दू मारते हैं तो यादव या कुर्मी देखकर नहीं ... और समाजवादी पार्टी उस समय यादव रक्षा नहीं कर पाती है |
इसको ऐसे भी समझ लो ...यदि उत्तर प्रदेश से यादव छोड़ कर सभी हिन्दुओं को काल्पनिक रूप से निकाल दिया जाय तो जनसँख्या अनुपात कुछ ऐसा होगा ; मुस्लिम ७० % , यादव ३० % ...उसके बाद की स्थिति की कल्पना कीजिए , आप कैराना की तरह अगले पांच साल में ८ % पे पहुंचोगे और धीरे - धीरे शून्य | इसलिए जातिवाद से ऊपर उठकर हिन्दू एकता का समय है .....शेष आप समझदार हैं .......Sanjay Dwivedy

