


शिवाजी महाराज ने अपनी सूझ बूझ और साहस से विध्वंशकारी मुग़ल बादशाह औरंगजेब के छक्के छुड़ा दिए थे और मरते दम तक उसे कभी चैन से नहीं सोने दिया, उन्होंने महाराष्ट्र के साथ साथ पूरे देश की औरंगजेब से रक्षा की वरना औरंगजेब सभी हिन्दुओं को मार डालता या उन्हें मुस्लिम बना देता। अब शिवाजी महाराज को उनके पराक्रम के कारण पूरी दुनिया सलाम करेगी क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी आज शिवाजी की याद में स्मारक के साथ साथ उनकी सबसे ऊंची मूर्ति का भी उद्घाटन करेंगे और यह स्मारक २-३ वर्षों में बनकर तैयार भी हो जाएगा। इसकी लागत 3600 करोड़ रुपये होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह ही छत्रपति शिवाजी की भव्य प्रतिमा और स्मारक के लिए भूमिपूजन किया। वह दिनभर के महाराष्ट्र दौरे पर हैं। मोदी ने ट्वीट कर कहा, "मैं शिव स्मारक का भूमिपूजन करने का अवसर मिलने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं।"

मोदी ने कहा, "छत्रपति शिवाजी महाराज साहस, बहादुरी और सुशासन के पथ प्र्दशक हैं। शिव स्मारक उनकी महानता के प्रति एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है।"
शिवाजी स्मारक और प्रतिमा दक्षिण मुंबई में अरब सागर के तट से एक किलोमीटर दूर एक चट्टानी द्वीप पर बनेगा।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इसके लिए पर्यावरण मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, भारतीय नौसेना, भारतीय तट रक्षक सहित केंद्र से 12 प्रमुख अनुमतियां ली हैं।प्रतिमा की ऊंचाई 309 फीट होगी और यह न्यूयॉर्क के स्टैचू ऑफ लिबर्टी से अधिक ऊंची होगी।