हम चीन में बने सामान का बहिस्कार करते है क्योकि ये हमारे कारखानों की उन्नति में बाधक है !

हम भारतीयों को चीन से अगर लड़ना है तो चीन की तरह ही लड़िये! मेक इन इंडिया में मोदी जी यही तो कह रहे है कि "आइये दुनिया के सबसे बड़े ग्लोबल मार्केट भारत में आपका स्वागत है" ...."यहाँ आइये अपनी मेनूफेक्च्रिंग यूनिट लगाइए"..."भारतीय मजदूरो से काम करवाइए" .."और सस्ते में अपने उत्पाद भारत और विदेश में भी बेचिए" ...

यही है मेक इन इंडिया का मुल सिद्धांत .....पर ज्यादा समझने की जरुरत हे कि चीन से आप कहाँ और कैसे मुकाबला करेंगे ! चीन से लड़ना है तो चीनियों की तरह स्वालंबी बनना होगा !

लेकिन अभी तक हम चीन से इन सब मामलों में कॉम्पटीशन नहीं करते थे  ..हमरा कॉम्पटीशन केवल सस्ता बेचने में था , मॉल को भारत में बनाने वाले उद्योग धंधो लगाने में नहीं !!.


Ashok Jain THIS FDI WILL HELP NEW INDUSTRIES AND EMPLOYMENT IN "INDIA"..
It will improve Indian economy only...welcome FDI from everywhere including China.....no harm, .


आज एक पाँच साल की बच्ची अपने पड़ोस वाले अंकल के घर लटकती हुई जगमगाती लड़ियों को देखकर बोली

अंकल आप मेरे पापा को क्यों मारना चाहते है ?

अंकल बोले क्यों बेटा मैंने ऐसा क्या कर दिया !

लड़की बोली-अंकल मेरे पापा आर्मी में हैं वो सरहद पर खड़े है ताकि आप दीवाली मना सके।और आप ये चीन से आई हुई लड़िया और पटाखे जो लाए हो इन पैसो से चीन पाकिस्तान की मदद करेगा , तो हो सकता है की आपके द्वारा दिए गए पैसो से खरीदी गयी गोली मेरे पापा को लग जाए। अंकल मैंने आपका क्या बिगाड़ा है मेरे पापा को बचा लो मैं अपने पापा से बहोत प्यार करती हूँ।प्लीज आप वादा करे की अब आप चीन की बनी हुई कोई भी चीज नही खरीदेंगे।

अंकल की आँखों में आंसू आ गए और उन्होंने वो लड़िया उतारकर फैंक दी।



कुछ आतंकवादियों का साथ देने वाले देशद्रोहियों ने तो अभी से चीन की बनी लड़ियों से घर सजा दिया है ।धिक्कार है उन लोगो पर घिन आती है उन्हें अपना पड़ोसी कहने पर।ऐसा लगता है की आतंकवादी LOC पर नही हमारे पड़ोस में ही बसा है।
कृपया  सोचे समझें और घर बैठकर ही आर्मी का साथ दें , चीन के बने सामान का बहिष्कार करें।