कोई देश महान तब बनता है जब उसके नागरिक महान बनते हैं।

#beinghindu 
1. *कचरा सड़क पर ना फैंकें*
2. *सड़कों, दीवारों पे ना थूकें*।
3. *नोटों, दीवारों पर ना लिखें*।
4. *गाली देना छोड़ दें*
5. *पानी, लाइट बचाएँ*
6. *एक पौधा लगाएँ*
7. *ट्रेफिक रूल्स ना तोडें*
8. *रोज़ माता पिता का आशीर्वाद ले*
9. *लड़कियों की इज्जत करें*।
10. *एम्बुलेंस को रास्ता दें....*........................
Kaushal Mishra

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*_प्लेट में खाना छोड़ने से पहले रतन टाटा का ये संदेश ज़रूर पढ़ें!_*
*_दुनिया के जाने-माने industrialist Ratan Tata ने अपनी एक Tweet के माध्यम से एक बहुत ही inspirational incident share किया था। आज मैं उसी ट्वीट का हिंदी अनुवाद आपसे शेयर कर रहा हूँ :_*
_पैसा आपका है लेकिन संसाधन समाज के हैं!_
_जर्मनी एक highly industrialized देश है। ऐसे देश में, बहुत से लोग सोचेंगे कि वहां के लोग बड़ी luxurious लाइफ जीते होंगे।_
_जब हम हैम्बर्ग पहुंचे, मेरे कलीग्स एक रेस्टोरेंट में घुस गए, हमने देखा कि बहुत से टेबल खाली थे। वहां एक टेबल था जहाँ एक यंग कपल खाना खा रहा था। टेबल पर बस दो dishes और beer की दो bottles थीं। मैं सोच रहा था कि क्या ऐसा सिंपल खाना रोमांटिक हो सकता है, और क्या वो लड़की इस कंजूस लड़के को छोड़ेगी!_
_एक दूसरी टेबल पर कुछ बूढी औरतें भी थीं। जब कोई डिश सर्व की जाती तो वेटर सभी लोगों की प्लेट में खाना निकाल देता, और वो औरतें प्लेट में मौजूद खाने को पूरी तरह से ख़तम कर देतीं।_
_चूँकि हम भूखे थे तो हमारे लोकल कलीग ने हमारे लिए काफी कुछ आर्डर कर दिया। जब हमने खाना ख़तम किया तो भी लगभग एक-तिहाई खाना टेबल पर बचा हुआ था।_
_जब हम restaurant से निकल रहे थे, तो उन बूढी औरतों ने हमसे अंग्रेजी में बात की, हम समझ गए कि वे हमारे इतना अधिक खाना waste करने से नाराज़ थीं।_
_” हमने अपने खाने के पैसे चुका दिए हैं, हम कितना खाना छोड़ते हैं इससे आपका कोई लेना-देना नहीं है।”, मेरा कलीग उन बूढी औरतों से बोला। वे औरतें बहुत गुस्से में आ गयीं। उनमे से एक ने तुरंत अपना फ़ोन निकला और किसी को कॉल की। कुछ देर बाद, Social Security Organisation का कोई आदमी अपनी यूनिफार्म में पहुंचा। मामला समझने के बाद उसने हमारे ऊपर 50 Euro का fine लगा दिया। हम चुप थे।_
_ऑफिसर हमसे कठोर आवाज़ में बोला, “उतना ही order करिए जितना आप consume कर सकें, पैसा आपका है लेकिन संसाधन सोसाइटी के हैं। दुनिया में ऐसे बहुत से लोग हैं जो संसाधनों की कमी का सामना कर रहे हैं। आपके पास संसाधनों को बर्वाद करने का कोई कारण नहीं है।”_
_इस rich country के लोगों का mindset हम सभी को लज्जित करता है। हमे सचमुच इस पर सोचना चाहिए। हम ऐसे देश से हैं जो संसाधनों में बहुत समृद्ध नहीं है। शर्मिंदगी से बचने के लिए हम बहुत अधिक मात्रा में आर्डर कर देते हैं और दूसरों को treat देने में बहुत सा food waste कर देते हैं।_
_The Lesson Is – अपनी खराब आदतों को बदलने के बारे में गम्भीरता से सोचें। Expecting acknowledgement, कि आप ये मैसेज पढ़ें और अपने कॉन्टेक्ट्स को फॉरवर्ड करें।_
_Very True- “MONEY IS YOURS BUT RESOURCES BELONG TO THE SOCIETY / पैसा आपका है लेकिन संसाधन समाज के हैं।”_
_दोस्तों, कोई देश महान तब बनता है जब उसके नागरिक महान बनते हैं। और महान बनना सिर्फ बड़ी-बड़ी achievements हासिल करना नही है…महान बनना हर वो छोटे-छोटे काम करना है जिससे देश मजबूत बनता है आगे बढ़ता है। खाने की बर्बादी रोकना, पानी को waste होने से बचाना, बिजली को बेकार ना करना…ये छोटे-छोटे कदम हैं जो देश को मजबूत बनाते हैं।_
_आइये Ratan Tata जी द्वारा share किये गए इस inspirational incident से हम एक सबक लें और अपने-अपने स्तर पर देश के बहुमूल्य resources को बर्वाद होने से बचाएं और ये बात हमेशा याद रखें कि भले पैसा हमारा है पर संसाधन देश के हैं !_
_*99 प्रतिशत इसे नहीँ भेजेंगे | आप भेजेंगे ? जब हम चुटकुले भेज सकते हैं | तो ये मेसेज क्योँ नहीँ ? आशा करता हूँ कि आप करेंगें!*_*_धन्यवाद।_*..................Surendra Pratap Upadhyay

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Some industrialist's Facts
Tatas in India refuse to give bribes. Some time ago, Tatas refused to pay Rupees 55 crores bribe that was going into the pockets of individuals - not government or country. - and did not get the airline licence.
Morarji Desai sacked JRD Tata as the Chairman/Founder of Air India as he did not like JRD's frankness.
In Bihar/Jamshedpur, the Chief Minister told Tatas that they are not contributing to any local projects. Jamshed Irani (of Tata Steels) responded to Lalu Prasad saying "give me a project, I will build it for you and gift it to the local community". You know why? Because the bulk of money is taken by officials and only 10% is used for projects badly built. After great deliberation this was accepted.
Over 50% of Tata's profits are used for charitable purposes including creating 12 Tata scholars every year - open to all Indians in all fields of technology, industry and professions.
Tatas refused the honour of naming Mumbai airport after JRD Tata without control or a say in its management and continuing bribery. This naming did not happen.
Shapurji Pallonji (Mistry), the biggest and most renowned international contractors are awarded the most difficult projects in India as their end product is delivered within budget and in time
Parsee businesses contribute around 6% of the National Annual Turnover, yet they are not even 1% of the population...................Ronnie Patel