"समान नागरिक संहिता" महिलाओं के अधिकार से जुड़ा है, देश की महिलाये अपनी स्पस्ट राय जनता के सामने रखें !.

समान नागरिक संहिता महिलाओं के अधिकार से जुड़ा हुआ विषय है, मैं देश की महिला नेताओं से निवेदन करता हूँ कि वे अपनी स्पस्ट राय जनता के सामने रखें !................Ashwini Upadhyay



आपको यूनिफार्म कोड से यदि दिक्कत नही है और इसका विरोध करने वालो से भारत को मिल रही धमकियों से दिक्कत है तो आप लॉ कमीशन को अपनी सहमति भेजिए। आप यदि इसी मुगालते में है की आपने मोदी को इस काम के लिए दिल्ली भेज ही रखा है तो उन्होंने अपना काम कर दिया है। अब आपको इसमें हाथ लगाना है। 

आप यदि सिर्फ इस भरोसे बैठे रहेंगे की यह मोदी जी की या बीजेपी के घोषणपत्र की जिम्मेदारी है तो आप भारतीय कहलाने लायक नही है।आगे आइये और यूनिफार्म सिविल कोड को हकीकत बनाने में सहयोग दीजिये और माँ भारती के कपाल पर जो बदनुमा दाग छिछोरे नेहरू और कमीने गांधी ने लगाया था उसे मिटा दीजिये।


यहां यह लिंक दिया गया है जहाँ आपको लॉ कमीशन द्वारा जनता से पूछे गए प्रश्न है, उन्हें पढ़िए और भर कर अधिक से अधिक संख्या में उनको भेजिए ताकि उन्हें यह पता चले की भारत चाहता क्या है। यहां एक बात याद रखियेगा की यूनिफार्म सिविल कोड के विरोधी उसी तरह अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे जैसे मतदान के समय होता है इसलिए यदि आप भारत को नई दिशा देने चाहते है तो इसे पढ़ कर अपनी सहमति भेजिए।पुनःश्च : जिनको अंग्रेजी में दिक्कत है, वह हिंदी के लिए इस लिंक का प्रयोग करे।..................कौशल गौड़


भारत में मुसलमान 15 साल की उम्र में निकाह करें तो बालिग़, 15 साल में बच्चे पैदा करना सुरु करे तो बालिग़, 15 साल की उम्र में तलाक दे दें तो ओ भी बालिग़ ! पर इसी भारत के मुसलमान 18 साल से कम पर बलत्कार करें तो नाबालिग ,18 साल से कम उम्र में ह्त्या,लूट,डैकैती करें तो नाबालिग ! फिर भी कहते है कानून सभी के लिए बराबर है ! (किस चूतिये ने ऐसा कानून बनाया ?) अरे श्री मानो बराबरी के लिए आवाज तो उठाओ और कमान सिविल कोड लागु कराओ ! सुप्रभात मित्रो जय जय श्री राम ! 
अरे मौलवी साहब जब देश में आपको 1400 साल पुराना शरिया कानून ही चाहिए तो फिर हज के लिए बस,ट्रेन, फ्लाइट क्यों ? ऊंट क्यों नहीं ? हज के लिए हिन्दुओ के टेक्स से सब्सिडी क्यों ?? ! क्या समझे मियाँ जी!.................Nageshwar Singh Baghel

#TripleTalaq is a gender issue. Don't let Muslim leaders/bigots confuse it with broader #UCC debate. My column #reup....................Minhaz Merchant

6-6 साल की लड़की से 60 की उम्र में शादी कर 9 साल की उम्र में बलात्कार करने वाले, भेड बकरियों की तरह निकाह के नाम पर औरतों को रखैल बनाकर रखने वाले, सारी उम्र काले बोरे में औरत को गुलाम रखने वाले, अपनी बहनों को भी हवस का शिकार बनाने वाले आज औरतों के हितों पर कमेंट कर रहे हैं।हा हा हा........घनश्याम अग्रवाल

ठीक है मौलवी साहब मान लिया आपकी बात ! मान लिया आपके तर्क, मान लिया आपके मांगे पर आप इस बात का ध्यान रखियो ! अब देश में दो तरह की न्यायव्यवस्था होगी ! पहला ''इन्डियन पीनल कोड''..जो अभी लागू ही है.! दूसरा शरीया कानून जो आपकी कुरआन के अनुसार होगा ! मतलब आँख के बदले आँख ! हाथ के बदले हाथ. ! और सिर के बदले सिर. ! अब आप पहले ही बता दो आपका मुस्लिम समाज किस कानून को मानेगा.? अपराध के बाद जब सिर के बदले सिर उतारा जायेगा तब इन्डियन पीनल कोड की दुहाई मत देना.! मंजूर है.......?..........................Nageshwar Singh Baghel

Each & Every Indian, do caste Vote on Law Commission Portal for UCC = Uniform Civil Code; it ought to have been from the very beginning. Try to raise above the self break away (mis)conceptions be an architect for the future of the nation............Suvihita Vishwasampada


Nageshwar Singh Baghel सिद्दीकी साहब xxx तैयार है ! अपनी बेगमो को मनाओ ओ तैयार है या नहीं कॉमन सिविल कोड के लिए ! जहां तक मेरा सोचना है कोई भी मुस्लिम बहन इस जहालत भरे कानून को पसंद नहीं करती ! कोई भी मुस्लिम महिला बुर्का नहीं पहनना चाहती, उसे जबरजस्ती पहनाया जाता है ! कोई भी मुस्लिम महिला एक एक दर्जन बच्चे पैदा नहीं करना चाहती ! कोई भी मुस्लिम महिला चार चार सौतन नहीं चाहती ! कोई भी मुस्लिम महिला हलाला जैसे घृणित कानून से नहीं पल्ले पढ़ना चाहती ! अरे सिद्दीकी साहब जरा अपनी बहन के बारे में सोचियेगा ! आपके जीजा जी आपकी बहन को क्रोध में तलाक दे दे और वापस आपकी बहन को अपने साथ रखना चाहे तो क्या आप अपनी बहन के हलाला के रिवाज से खुस होंगे ! क्या आप चाहेगी की आपकी बहन के साथ गैरमर्द रात भर नंगा करके रौदे ! आप ईमान से बताये क्या आप अपनी बहन/बेटी/ बीबी के साथ हलाला चाहेंगे ??



मुस्लिम संगठनों ने आज खुल के मोदी सरकार के खिलाफ आवाज उठाई प्रेस कॉन्फ्रेंस करके क्योकि मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओ के हक की बात की और ट्रिपल तलाक को खत्म करने की बकालत की।।बीजेपी ने यूनिफार्म सिविल कोर्ड की बकालत कर दी है जिस से अब ओवैसी जैसे भड़वे और कटरपंथी मुल्ले घबरा गए है।।....कौशल गौड़
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समान नागरिकसंहिता महिलाओं के अधिकार से जुड़ा हुआ विषय है,मैं देश की महिला नेताओं से निवेदन करता हूँ कि वे अपनी स्पस्ट राय जनता के सामने रखें !
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