हज सब्सिडी रोककर अल्पसंख्यक वर्गों के लिए ज्यादा रोजगार मुहैया किया जाएगा!

तीन साल पहले 700 करोड़ रुपये थी हज सब्सिडी, SC ने दिया था कम करने का :
इस साल से हज पर जाने वाले लोगों को हज सब्सिडी नहीं दी जाएगी. केंद्र सरकार ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि सब्सिडी के रूप में दिए जाने वाले इस पैसे का उपयोग अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के कल्याण और शिक्षा पर लगाया जाएगा. केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने ये ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सरकार बिना तुष्टिकरण के सभी का विकास करने में यकीन रखती है. इसी कारण ये फैसला लिया गया है. इस पैसे का उपयोग अल्पसंख्यक समाज के बच्चों की शिक्षा, रोजगार और महिलाओं के कल्याण में किया जाएगा l
दिव्‍यांग भी कर पाएंगे हज यात्रा : केंद्र सरकार का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2012 में निर्देश दिया था कि अगले दस सालों में धीरे धीरे हज सब्सिडी खत्म की जाए. उसी को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है. केंद्र में जब बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार बनी थी, तो 700 करोड़ रुपये हज सब्सिडी के रूप में दिए जाते थे. पिछले तीन सालों में सरकार इसे कम करते करते 250 करोड़ तक ले आई थी और इस साल से इसे पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है. साथ ही सरकार ने दिव्यांगों के लिए भी हज का रास्ता खोल दिया है. अब तक दिव्यांग हज यात्रा पर नहीं जा सकते थे, लेकिन अब वो भी ये यात्रा कर सकेंगे l

केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्रालय का दावा है कि उनकी सरकार बिना तुष्टिकरण, सभी का सशक्तिकरण के मंत्र पर काम कर रही है. इसी के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है. अब इस पैसे का उपयोग भी अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों के लिए किया जाएगा l

Minorities to get more jobs share

मंत्रालय का दावा है कि पिछले 3 सालों में तमाम अल्पसंख्यक वर्गों (मुस्लिम समेत सभी अल्पसंख्यक) के लिए साढ़े आठ लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर मुहैया कराए गए हैं. अल्पसंख्यक वर्ग के छोटे कारोबारियों के समक्ष जीएसटी को लेकर एक भय का वातावरण था. लिहाजा उनके लिए जीएसटी फैसिलिटेटर का कोर्स शुरू किया, जिससे उनकी कई भ्रांतियां खत्म हुई. पिछले तीन सालों में अल्पसंख्यक वर्ग के करीब एक लाख 83 हजार छात्रों को छात्रवृत्ति दी गई. इस साल करीब डेढ़ करोड़ बच्चों ने छात्रवत्तियों के लिए आवेदन किया है l

                              Minorities in India
केंद्रीय मंत्री नकवी के मुताबिक उनकी सरकार ट्रिपल टी के फार्मूले पर काम कर रही है. मदरसों के आधुनिकीकरण में ये ट्रिपल टी बड़ी भूमिका निभा रहा है. इसका मतलब टीचर, टॉयलेट और टिफिन l
यानी मदरसों में शिक्षकों, दोपहर के भोजन और सफाई के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. साथ ही उन्हें आधुनिक शिक्षा के साथ जोड़ा जा रहा है. अब तक 1400 मदरसों को इससे जोड़ा जा चुका है. सरकार का दावा है कि 18 जनवरी को लखनऊ में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में नौ राज्यों के अल्पसंख्यक मंत्रियों को सम्मेलन हो रहा है. इसमें और भी कई नई योजनाओं पर विचार किया जाएगा l
वहीं, गुजरात चुनाव के दौरान से कांग्रेस पर सॉफ्ट हिंदुत्व का रुख अपनाने का आरोप लगता रहा है. इस मामले में भी पार्टी ने खुलकर अपनी त्वरित प्रतिक्रिया नहीं दी. पार्टी के नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि अभी फैसला सुना है. इसका पूरा अध्ययन करने के बाद बोलेंगे. हर धर्म को पूरी आजादी है और सरकार का काम सुविधा मुहैया कराना है l

Tanmay Modh