बोलोरे जे न यू साथियो, अब कैसे होगी क्रांति ? मोदी बहुत जालिम है, उसकी लाठी में आवाज नहीं सीधी चोट है!


We are being pushed towards 100 percent viva-based admission process. It will open the doors for 100 percent discretion, discrimination and favouritism in admissions......JNUSU Statement

"Dismantling admission process would change essence of JNU", say teachers.


The Jawaharlal Nehru University Students Union (JNUSU) on Friday urged the University Grants Commission (UGC) to revoke the changes brought about last year in the admission procedure for MPhil and PhD courses in central universities.

The JNUSU called the proposal "discriminatory" against less-privileged students since an interview will be the sole criterion for admissions under the new system, against a two-part (entrance test and interview) system earlier.

Terming the UGC guidelines as “straitjacketed”, the JNUSU said adopting these will be akin to reversing decades of hard work put in ensuring a level playing field for everyone. The notification was adopted by the University's Academic Council amid protests by many of its members and students on 26 December last year.


पिछले कुछ दिनों में जहर विश्व विद्यालय JNU में जो घटित हुआ वो देश की देशभक्तों को जानकर इतनी खुसी होगी जिसका अंदाज तो ये पोस्ट पूरा पढ़कर ही पता चलेगा ।JNU के वामपंती गिरोह ने विद्यालय प्रशासन से मांग की थी की प्रवेश में 5 % का आरक्षण अल्पसंख्यकों को मिले और 90% अंक लिखित परीक्षा का तथा 10% साक्षात्कार के लिए हो । विद्यालय प्रशासन ने मांगे ठुकरा दी और 50% लिखित एवं 50 % साक्षात्कार के लिए किया ।बाद में ABVP के कहने पर इसे 80 % लिखित और 20 % साक्षात्कार किया ।
लेकिन प्रशासन ने साफ़ किया कि इस साल सीटें कम की जायेंगी जिसका वामपंती गिरोह ने विरोध किया और 9 feb से 23 feb तक प्रशासन भवन को बंधक बना लिया जिसके कारण entrance exam का notification जो की feb दूसरे हफ्ताह तक जारी हो जाना चाहिए वो 31 मार्च तक नहीं हो पाया ।
अपनी मांगे ना मानते देख वामपंती गिरोह ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और विद्यालय प्रशासन तो यही चाहती यही जो उन्होंने किया!दिल्ली हाई कोर्ट ने 21 मार्च को 2009 UGC रेगुलेशन को JNU में लागू कर दिया ।जिससे ये हुआ की जिस M. Phil / Ph. D में जहाँ 1000 सीटें थी वो अब 194 रह गयी ।
अरे ये मजेदार नहीं है ....... मजा तो अब आएगा : JNU में HUPA ( हिंदी , उर्दू , persian , arabic) नाम का सेंटर जो वामपंतियो का गढ़ माना जाता था अब उसमें एक भी सीटें नहीं ।वामपंतियों का स्वर्ग स्कूल ऑफ शोसल साइंस में सिर्फ 11 सीटें । और वामपंतियो का प्रयोगशाला - centre for political studies, historical studies में भी #ZERO । और तो और M. Phil / P. hd प्रोग्राम में Deprivation Point को भी बंद कर दिया गया था जिससे की #कन्हिया जैसे छात्र को लाभ मिलता था ।
अरे अभी पूरा मजा नहीं आया ....... आगे सुनिए :- जिस वामपंती गिरोह ने vice chancellor को मोदी का agent और संघी कह कर किया और जिनका  स्वागत "भारत तेरे टुकड़े होंगे" के नारे से किया उसके 9 सदस्यों को ना सिर्फ suspend किया बल्कि परिषद् से अनुमोदित भी करवा दिया और बाद में उन छात्रों के लिए हंगामा करने पर 14 छात्रों को भी वही किया । यानि 9 + 14 = 23 का काम तमाम ।और तो और जिन faculties ने उनका समर्थन किया उनको show cause notice भी भेजा गया । अब अपनी गाँव लुटवा के ये वामपंती कॉलेज के गेट पे अर्थी की तरह सोये हुए हैं।बोल रे साथी अब कैसे होगी क्रांति। मोदिया बहुत जालिम है ..... उसके लाठी में आवाज नहीं चोट है ..... बहुत दुखेगा,  
पोस्ट Amba Shankar Bajpai,  Kumar Gyanendra के सहयोग से लिखा गया है ।