मानो न मानो, गोवंश और पशुओ के अच्छे दिन तो योगीजी के आने के पहले दिन से ही आ गये !

योगी के सीएम बनते ही मेरठ में कत्लगाह में नहीं हुआ पशुओं का कत्ल, मच गया हड़कंप !

उत्तर प्रदेश की जनता ऐसा महसूस कर रही है  

जैसे औरंगजेब के 

बाद 

छत्रपति शिवाजी  का शासन आया हो। 



बूचड़खानों पर सर्जिकल स्ट्राइक जारी है...इलाहबाद नगर निगम 

अधिकारियों ने दो बूचड़खानों को सील किया ।#अच्छी_शुरुआत।.....

गाजीपुर का सबसे बड़ा कत्लखाना भी बंद अभी-अभी छापेमारी हुई है : इंडिया टुडे !

Yogi Adityanath at his gaushala
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BJP President Amit Shah on Friday said that the next BJP government in Uttar Pradesh will close all slaughter houses in the state. While speaking to India Today, Shah said that he had promised to shut down all the slaughter houses running in the state ahead of the Assembly elections. 

Yogi Adityanath: Gau -Sevak  to UP CM; does this mean 'achchhe din' for cows?


From a priest and devout Gau-Sevak, Yogi Adityanath has travelled a long political journey to become the UP Chief Minister. People in his home constituency Gorak now expects him to do what he promised to do in order to protect cows in Uttar Pradesh.

यूपी में भाजपा की सरकार बनते ही कमेलों में खून बहना बंद हो गया है। शनिवार को मेरठ के कमेलों में पशुओं का कटान नहीं हो सका। मांस की कंपनियों के बाहर पुलिस का पहरा रहा। 

शहर में मांस की आपूर्ति नहीं हो सकी। भाजपा के घोषणा पत्र का असर पहले ही दिन दिखाई दिया। जिसको लेकर जहां मांस कारोबारियों में नाराजगी है वहीं भाजपा कार्यकर्ताओं में हर्ष की लहर है। 

चुनावी घोषणा पत्र में भाजपा ने उप्र से कमेले बंद कराने की बात कही थी। जिसपर असर शनिवार को दिन निकलते ही दिखने को मिला। जो पुलिस हिंदु संगठन कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के बाद भी कमेले बंद कराने और गौ हत्या करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करती थी। 


वही पुलिस शनिवार हापुड़ रोड स्थित मांस की कंपनी यानी कमेलों के आसपास मंडराती नजर आयी। जिसके कारण हापुड़ रोड स्थित कमेलों में न तो कोई पशु पहुंचा और न ही पशुओं का कटान हो सका। जिन कमेलों की नालियों में खून बहता था वह सूख गई। उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शपथ ही ली थी कि पशु हत्यारों के होश उड़ने शुरू हो गए। 

प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते हुए पशु कटान को लेकर पुलिस प्रशासन के होश उड़ने लगे हैं। रविवार को हापुड़ रोड़ स्थित मीट प्लांटों में आने वाले पशुओं से भरे कैंटर, ट्रक और डीसीएम पर पुलिस ने नजर रखी। थाना पुलिस की जीप के अलावा पीआरवी गाड़ी भी मीट प्लांटों के पास खड़ी रही।
घोसीपुर में नगर निगम का कमेला बंद होने के कारण महानगर में मांस की आपूर्ति के लिए हापुड़ रोड स्थित मांस की कंपनियों के कमेलों में पशुओं का कटान हो रहा था। शहर में प्रतिदिन 250 से 300 पशुओं के मांस की खपत बतायी जाती रही है। वह अलग है कि शहर में मांस आपूर्ति की आड़ में प्रतिदिन कई हजार पशुओं का कटान होता रहा है। 

जिन कंपनियों के कमेलों में काटने के लिए प्रतिदिन सैंकड़ों पशुओं का लाया जाता था वहां शनिवार को सबकुछ बदला बदला नजर आया। यानी न तो गाड़ियों में लादकर पशुओं को लाया गया। और न हीं पशुओं का कटान हुआ।   पशुओं का कटान कमेलों में ही नहीं बल्कि गली मोहल्लों में भी होता है। इसके विरोध में हिंदु संगठन ही नहीं बल्कि कुछ मुस्लिम भी विरोध जता चुके हैं। गौ हत्या का विरोध करने पर एक मुस्लिम युवक को जान से भी हाथ धोना पड़ा था। महानगर के मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में नाले, सड़क पर ही पशुओं का कटान होता रहा है। पुलिस के संरक्षण में यह कारोबार पूरी तरह फलता फूलता रहा। 

पुलिस मीट प्लांटों में आने जाने वाले वाहनों पर पैनी नजर रखे रही। पुलिस की अलग अलग गाड़ियों जहां चेकिंग करती रहीं वही बंद कैंट और त्रिपाल ढ़के ट्रकों की भी चेकिंग की गई। सीओ किठौर विनोद सिरोही, इंस्पेक्टर खरखौदा मनीष सक्सैना अलग अलग स्थानों पर पहुंचे थे। आसपास के लोगों का कहना है हापुड़ रोड और शहर के अंदर से पशुओं से भरी गाड़ी मीट प्लांटों की तरफ जाती थी, उनमें कमी रही है। बाद में पुलिस अफसरों ने रूटीन चेकिंग बताया।

एसएसपी  जे. रविंदर गौड ने बताया कि हापुड़ रोड और अन्य स्थानों पर पुलिस ने रूटीन चेकिंग की है। अपराधियों के सत्यापन के लिए भोपू अभियान चलाया गया है। पशुओं के कटान को लेकर जैसे ही शासन से निर्देश मिलते हैं, उसके आधार पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी।  

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