क्या वामपंथी चीन के इशारे पर कश्मीर को भारत से अलग करना चाहते है ?

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कश्मीर के साथ साथ वामपंथी अरुणांचल को भी भारत से तोडना चाहते 

है, NDTV ने अरुणांचल प्रदेश को भारतीय राज्य मानने से किया इनकार


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क्या वामपंथी चीन के इशारे पर कश्मीर को भारत से अग करना चाहते है ? शायद उनको और चीन को डर है कि  पी ओ के से होकर सड़क कॉरिडोर बंनाने में भारत की आपत्ति से अड़चन आयेगी ! वो चाहते है कि वामपंथी कश्मीर को भारत से ग कर दे ! 

JNU वाले कामरेड कहते हैं घर घर से अफज़ल निकलेगा.....' भारत तेरे टुकडे होंगे ' ' पाकिस्तान' जिन्दाबाद' के नारे लगाने वालो का और अफजल गुरु की शोक सभा को वामपंथी , कांग्रेसी आपिये अभिव्यक्ति आजादी बोलकर समर्थन करते हैं और वहीं केरल में RSS के स्वयँसेवियों की शाखा लगाने और 'भारत माता की जय ' बोलने पर हत्या कर दी जाती है इस पर ये वामपंथी , कांग्रसी और आपिये मौन धारण करके हत्या करने वालों का मौन समर्थन करते हैं ।



#AISA के माध्यम से देशद्रोही बामपंथी देश के कालेज में किस तरह से देशद्रोही बिचारधारा को फैला रहे हैं JNU और DU की घटना इसका एक बेहतरीन उदहारण हैं I बामपंथियो ने JNU में क्नैह्या और खालिद को पैदा कर अपनी देश-बिरोधी सोच को आगे बढाए और यहाँ DU में एक लड़की को अपना माधयम बना कर ऐसे बिचारो का फैलाव करने की खतरनाक कोसिस की I ऐसे खतरनाक साजिसो के पीछे कोई राजनतिक शक्ति हैं जो देश में बिसेस कर हिन्दू को नुक्साम पहुचना चाहते हैं I



DU बिबाद के केंद्र में रही गुर्मेहर कौर आखिर किन लोगो के संपर्क में हैं और ऐसे लोगो के कैसे बिचार देखे हैं देश के प्रति I इस तस्बीर में देश को तार-तार करने वाले वो सारे लोग जैसे शबनम हासमी, कविता कृष्णन, जॉन दयाल, प्रिय पिल्लै, मैमोना मुल्ला I ये वो लोग हैं जो कभी गुजरात में मोदी को फ़ासी हो जाय उसके लिए हर कुछ किया, तो किसे ने कश्मीर को ही भारत का अंग नहीं माना, तो कोई पुरे हिन्दू समाज को ही इस देश का असली आतंकवादी कहता हैं I



ऐसे खतरनाक लोग के ठीक बिच में गुर्मेहर कौर I लोगो को आज ये समझना होगा की देश बिरोधी आज काफी पढ़े लिखे हैं और लगातार हर वो चाल चल रहे हैं ताकि देश संकट में आये, पर सतर्क रह कर इनके नापाक मंसूबो को बिफल करना होगा I 



वामपंथियों का मंत्री पद ना लेना एक बहुत बड़ी चाल ....आजादी के बाद जब जब कांग्रेसियों को सत्ता हासिल करने ले लिए वामपंथियों का समर्थन मिला तब तब कांग्रेस ने उनको मंत्री पद देने का ऑफर दिया। लेकिन वामपंथियों ने कांग्रेस सरकारों से मंत्री पद लेने की बजाय हमेशा शिक्षण संस्थानों और देश के कला और सांस्कृतिक संस्थानों में अपने चहेतो के नियुक्ति की करवाई। उसी का ही परिणाम है की जेएनयू जैसे संस्थानों को वामपंथियों ने अपना गढ़ बना दिया है यहाँ तक की कला और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी ईसाइयत और इस्लाम का घोल-माल कर दिया . अब जो रहा है वो सब आपके सामने हैं !