आखिर पाकिस्तानी अखबारों ने हिंदुस्तान में मोदी विचारधारा का पूर्ण वर्चस्व स्वीकार किया !!

लोकतंत्र में  सरकार  बनती  हैं  बहुमत से 

लेकिन चलती है सर्वमत से। और इसलिए 

भारतीय जनता पार्टी की सरकार जिन्होंने 

वोट दिया उनकी भी है, जिन्होंने वोट नही 

दिया उनकी भी है। जो साथ चले उनकी भी 

है,जो सामने रहे उनकी भी है नरेंद्र मोदी 

मुस्लिम भाईयों के बिना भारत विश्वगुरु नहीं बन सकता
भारतीय मुस्लिमों उठो नेतृत्व करो इस्लाम का और एक ऐसे इस्लाम की स्थापना करो
कि भारत का मुस्लिम दुनिया में सबसे बढ़ा और सबसे भरोसेमंद मुस्लिम बने जिसकी तलाशी अमेरिका के एयरपोर्ट पर कभी ना हो जिसपर कोई भी कभी शक ना करे
गर्व होगा विशिष्ट को जब भारतीय मुस्लिमों का मान सम्मान बढ़ेगा 
जब भारतीय मुस्लिम को गोरे पुछेंगे Are you Indian Muslim sir
Sorry 🙏🙏🙏🙏
आप जा सकते हैं क्योंकि आप भारतीय मुस्लिम हैं जो आतंकवाद विरोधी कट्टर मुस्लिम हैं जो अल्लाह के इस्लाम को मानते हैं ना कि मुल्ला के इस्लाम को बस ऐसी इच्छा मेरी कि हर मुस्लिम को मान सम्मान मिले पर भारतीय मुस्लिमों की अगुवाई हो

सबसे आगे हिंदुस्तानी, क्या समझे !
Vasishat Vivek


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'यूपी में बीजेपी की जीत के बाद भारत-पाकिस्तान संबंध सुधरने की उम्मीद'
पाकिस्तान के अखबारों में भारत में हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों की खबर छायी रही .डॉन न्यूज से रोजनामा दुनिया अखबार तक विधानसभा चुनाव का विश्लेषण अलग-अलग पहलू से किया है. किसी के मुताबिक ये बीजेपी की करारी हार है और कोई इसे भारत में पूरी तरह से भगवा ब्रिगेड का कब्जा बता रहा है. आगे पढ़िए पाकिस्तान के अखबार क्या कहते हैं इन विधानसभा चुनाव के नतीजों पर-

रोजनामा दुनिया इस पर लिखता है कि-

उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की संख्या सबसे अधिक है. वहां से बीजेपी का जीतना हैरानी भरा है. यह जीत इस बात का भी इशारा करती है कि भारतीय मतदाता सत्तारूढ़ पार्टी की नीतियों से संतुष्ट हैं. अखबार का यह भी कहना है कि बीजेपी का यूपी में जीतने के बाद भारत-पाक के बिगड़े संबंधों में सुधार आ सकता है क्योंकि जिस मकसद के लिए दोनों देशों के बीच तनाव को हवा दी गई थी भारत की सत्तारूढ़ पार्टी ने वह लक्ष्य हासिल कर लिया है. और अब यह दोनों देशों के बीच तनाव को अधिक बढ़ावा देने का कोई फायदा नहीं होगा.
अखबार ने आगे लिखा है कि भारत के पांच राज्यों में होने वाले चुनाव के दौरान अधिकांश समय भारत-पाक रिश्ते भी छाये रहे. पाकिस्तान को दुनिया भर में अकेले करने की नीति का जोर-शोर से ढिंढोरा पीटा गया. इसी सिलसिले में अगर पंजाब में कांग्रेस की जीत को देखा जाए तो हालात काफी हद तक साफ हो जाते हैं कि पंजाब के अधिकांश मतदाता पाकिस्तान विरोधी बातों पर ज्यादा तवज्जों नहीं देते. यही वजह है पंजाब में कांग्रेस, बीजेपी और आम आदमी पार्टी को पीछे धकेल कर जीत हासिल करने में सफल रही.
अखबार लिखता है कि उत्तर प्रदेश के वोटर ने हिंदुत्व की विचारधारा को आगे परवान चढ़ाने के बीजेपी के एजेंडे को मजबूत बनाया है, हाल ही में कुछ वक्त पहले हरियाणा में गीता को अनिवार्य घोषित कर दिया है. इस बात को भी समझना जरूरी है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी खुद भी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे थे. लेकिन भारतीय समाज की विविधता के वजहों से उन्होंने कभी अपने बुनियादी मूल्यों को बदलने की कोशिश नहीं की थी. इस बार हालात अलग हैं. नरेंद्र मोदी को भारतीय राजनीति पर पूरी पकड़ मिल गई है और वे मनमर्जी के कदम उठाने में सक्षम हो गए हैं.

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डॉन न्यूज क्या कहता है-
डॉन अखबार में यूपी विधानसभा के नतीजों पर दिलचस्प हेंडिग के साथ खबर बनाई है. हेडिंग कुछ यूं है- तीन रियासतों में मोदी की पार्टी को शिकस्त. अखबार लिखता है कि भारत के 5 राज्यों में होने वाले चुनाव के परिणाम बीजेपी दो राज्यों जबकि विपक्षी पार्टी कांग्रेस 3 राज्यों में सफल रही. राजनीतिक विश्लेषक उत्तर प्रदेश में बीजेपी की कामयाबी को नरेंद्र मोदी के लिए दूसरी बार भारत के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता आसान होना बता रहे हैं.
डेली औसाफ क्या कहता है-
डेली औसाफ यूपी और उत्तराखंड में बीजेपी की जीत की खबर के बजाय शिवसेना नेता के उस बयान को अहमियत देता है जिसमें उन्होंने राम मंदिर बनाने की बात कही थीं. हाल ही में शिवसेना ने उत्तर प्रदेश में 11 मार्च को बीजेपी की शानदार जीत पर बीजेपी को बधाई दी और आशा जताई कि अब अयोध्या में राम मंदिर जल्द बनेगा. शिवसेना सांसद संजय राउत ने पत्रकारों से कहा कि, राम का वनवास खत्म हो गया है. हम अब आशा करते हैं कि अयोध्या में राम मंदिर जल्द बनेगा.!

Tanmay Modh