गुरमेहर का कंपेन से अचानक हट जाने का मतलब साफ है वो आपियो वामपंथियो के हाथ बिक गई थी !

गुरमेहर कौर का अचानक कंपेन से हट जाना बयान करता है कि उस का आपियो-- वामपंथियो ने राष्ट्रवादियो को रोकने के वास्ते दुरप्रयोग किया !                Ashok Jain

शहीद पिता जिंदा होते तो बेटी की देशद्रोही हरकत पर कितना शर्मिंदा होते......देश के प्रति सम्मान और समर्पण ही "राष्ट्रवाद" है !  #ISupportABVP.............Jai Prakash Shukla....Rakesh Sharma


गुरमेहर की कंपेन से हटने का साफ मतलब है कि उसका बैनवास किया गया था उसको ये नहीं मालूम था कि वो क्या कर रही है बस आपमें आपको प्रोजेक्ट करना था ।देर ए दुरुस्त आये।#I_supportABVP..........Rishu Rungta

गुरमेहर कौर की टाइमलाईन देखेंगे तो हर 14 अगस्त को उसने पाकिस्तान की स्वतंत्रता की बधाई दी है लेकिन अगले दिन 15 अगस्त को भारत की आजादी पर कुछ नही लिखा..............जहर अंदर तक भरा गया है ...2 साल में पिता शहीद हो गए ..माँ कोटे से मिले पेट्रोल पम्प पर ही ध्यान देती रही ...पैसो की कोई कमी नही ..1.3 करोड़ मिले ..शहीद पिता की नौकरी तक पूरी सेलेरी..... 76% के बाद भी शहीद कोटे से श्रीराम कालेज में एडमिशन मिला जहां 99.9% कट ऑफ़ है ।कुल मिलाकर कैम्पस में बैठे कामुक वामपंथी भेड़ियों के लिए गुरमेहर एक परफेक्ट शिकार थी ..

sabhar_DrPankaj Gupta...........Kamlesh Chavda



"बड़ा खुलासा : गुरमेहर कौर ने उरी अटैक के बाद सर्जिकल स्ट्रइक का भी विरोध किया था ".....Raju Dave

आज एबीवीपी के विरुद्ध होने वाले मार्च में AISA और NSUI के साथ जेएनयू का शिक्षक संघ भी शामिल होगा। छात्रों की लड़ाई में शिक्षकों का क्या काम ? इससे सिद्ध होता है कि जेएनयू में देशद्रोह छात्रों द्वारा नहीं बल्कि शिक्षकों द्वारा उन्हें इसके लिए भड़काया जाता है। मार्च में शामिल होने वाले सभी शिक्षकों को बर्खास्त करना चाहिए और उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए। ऐसे शिक्षकों की ABVP अगर पिटाई करती है तो देश का हर नौजवान खुश होगा।.................Suresh Vidyarthi


अब में भी कुछ कह दूँ क्या ? यह देश हम सबका है हमारा सबका कर्तव्य बनता है इसको साफ सुथरा रखने का ।पर हो क्या रहा है कभी जे एन यू तो कभी बंगाल तो कभी केरल और कभी कुछ तो ऐसा होना जरुरी है क्या एक साथ मिलकर नही रह सकते क्या ।जो देश के खिलाफ आवाज उठाए उसे तुरंत गोली मार दो कंही न बख्शो क्यंकि आस्तीन का सांफ हमेशा तुन्हें ही काटेगा ।यह पोस्ट कुछ लोगों को बुरी भी लगेगी पर कोई नही देश के लिए हम बुरे ही सही ।भाई में तो नही छोडूंगा किसी को जो देश के खिलाफ आवाज उठाएगा ।मेरे लिए जाती धर्म सब बाद में है पहले मेरे लिए मेरा देश है ।धन्यबाद जय युवा जय भारत .......................जितेन्द्र सनातनी रामपुर