ये कश्मीर की आजादी पर सेमीनार करें तुम बलुचिस्तान की आजादी पर सेमीनार करो !

और इन लोग का गेट अप ही ऐसा रहता है झोला टाँगे बड़े बाल मोटा चश्मा टूटी फूटी अँग्रेजी एक घिसी चप्पल
जबकि साले सब अमीर खानदान के नाजायज औलाद हैं
इन्हें मार पीट कर कन्ट्रोल मत करो ।।
ये कश्मीर की आजादी पर सेमीनार करें
तुम बलुचिस्तान की आजादी पर सेमीनार करो
ये महिषासुर पर सेमीनार करें
तुम सलमान रुश्दी को invite करो
ये अफजल याकूब पर मीटिंग बुलायें उसे शहीद कहें
तुम गोडसे पर मीटिंग बुलाओ
ये नेहरू को महान् बताएं
तुम सावरकर पर बुलाओ सबको ।।
इन्हें मारपीट से मारोगे ये कहीं ना कहीं जीतते रहेंगे
इनसे मतलब ही मत रखो
बस अपना काम करो
ये जितना मारने के बाद जले भुने बैठे हैं
उससे ज्यादा ये पागल होके गली गली नाचेंगे जो मैं कह रहा वो करोगे ।।



मीडिया कबरेज का साले फायदा उठाते हैं केरल से लेकर बंगाल तक हमे जान से मार दिया गया कोई
साला 9 बजे नहीं बैठा
इनके लिए पूरा मीडिया हाजिर है ।।
हालाँकि ये नीच लोग हार चुके हैं फिर भी मैं इनका समूल नाश चाहता हूँ
इन्हें जीने मत दो ये तुम्हारी फेसबुक प्रोफाइल देख के तड़प तड़प के मरेंगे
क्योंकि ये बौद्धिक आतँकी है इनसे हाँथ पैर डंडो से लड़ने की गलती मत करो ।
इन्हें दिखना चाहिए
वो दिन गया जब राईट विंगर कम पढ़े लिखे थे या यूँ कहिये मीडिया के प्रत्येक साधन किताब से लेकर इंटरनेट तक यूनिवर्सिटी से लेकर सेमीनार तक इनका अधिकार था
अब हमारा अधिकार है और रहेगा
हमारी लिखी इतिहास अब ये पढ़ें ।। जैसे हमने सावरकर का दर्द श्याम प्रसाद मुखर्जी का दर्द सहा है
उनके बारे में अपशब्द सहे हैं
अब बारी इनकी हैं ।
अब ये दोगलेपन और देशद्रोही होने का ठप्पा सहेंगे ।