(गोपनीय रिपोर्ट) प्रथम चरण के चुनाव में 73 में से 55 सीटें भारतीय जनता पार्टी को मिलने जा रही हैं।

(उत्तर प्रदेश शासन को भेजी गई एक खुफिया रिपोर्ट के आधार पर ).............घनश्याम अग्रवाल 
आदरणीय सर 
जय हिंद

आपसे हुई वार्ता के आधार पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समस्त विभागों से प्राप्त खुफिया रिपोर्ट का संकलन करके आपके सम्मुख प्रस्तुत कर रहा हूं।
प्रथम दौर में होने वाले 73 विधानसभा सीटों के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को स्पष्ट बढ़त मिल चुकी है इन 73 सीटों में से लगभग 55 सीटें भारतीय जनता पार्टी द्वारा जीती जा रही हैं।
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भारतीय जनता पार्टी के इस अप्रत्याशित विजय अभियान के निम्नलिखित कारण हैं।
बहुजन समाज पार्टी।
बहुजन समाज पार्टी का अब से लगभग छह माह पूर्व तक बहुत ही अच्छा माहौल बना हुआ था परंतु अचानक जाटव समाज के अलावा एससी एसटी की सभी जातियां बहुजन समाज पार्टी को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी के साथ जुड़ गई हैं भारतीय जनता पार्टी ने रविदास समाज के बहुत बड़े नेता "विनोद तेजयान" को रामपुर मनिहारन सीट से टिकट देकर उनके "चमार समाज" में बहुत बड़ी सेंध लगा दी है !
बहुजन समाज पार्टी द्वारा दलित सीटों के अलावा जिन सीटों पर अपने हिंदू उम्मीदवार उतारे हैं वहां पर उनकी अपनी जातियां वोट नहीं दे रही हैं उनके साथ केवल जाटव समाज का ही वोट बचा रह गया है तथा जिन सीटो पर बहुजन समाज पार्टी द्वारा मुस्लिम कैंडिडेट उतारे हैं वहां पर भी मुस्लिमों का एक मुश्त वोट समाजवादी पार्टी एवं कांग्रेस के गठबंधन को जा रहा है!
इस बीच में यह भी खुलासा हुआ है बहुजन समाज पार्टी के कई मुस्लिम प्रत्याशियों को तीन से पांच करोड रुपए की धनराशि समाजवादी पार्टी एवं कांग्रेस के गठबंधन द्वारा उपलब्ध कराई गई है ताकि वह बहुजन समाज पार्टी के पार्टी फंड में पैसे देकर टिकट ला सके तथा चुनाव जीतने के बाद बहुजन समाज पार्टी को तोड़कर समाजवादी पार्टी में अपना विलय कर लें !
इस प्रकार की जबसे सूचना "जाटव समाज" को लगी है तब से उनको लगता है कि मुस्लिम समाज के कंडीडेट को वोट देकर बहुजन समाज पार्टी को जिताने से अच्छा है हम भारतीय जनता पार्टी को वोट दें भारतीय जनता पार्टी पूर्व में भी कई बार बहन मायावती को मुख्यमंत्री बना चुकी है हो सकता है इस बार भी इन दोनों का कोई गठबंधन हो जाए इससे बहुजन समाज पार्टी के जीतने की संभावना हे अत्यंत क्षीण हो गई है।
समाजवादी पार्टी कांग्रेस गठबंधन।
समाजवादी कांग्रेस गठबंधन को मुस्लिम समाज का एक मुश्त वोट मिल रहा है परंतु इनके पास हिंदू समाज का बिल्कुल भी वोट नहीं है यहां तक कि समाजवादी पार्टी का परंपरागत "यादव वोट" भी इन 73 सीटों पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस गठबंधन के उम्मीदवार को वोट ना देकर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशियों को वोट दे रहा है !
कब्रिस्तान की चारदीवारी केवल मुस्लिम लड़कियों को ही कन्या विद्या धन, हज हाउस, मंदिरों से लाउडस्पीकर उतरवाना, बिजली चोरी, मुस्लिम अपराधियों को पैरवी करना यह ऐसे मुद्दे हैं जिन वजहों से हिंदू समाज का वोट समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन से पूरी तरह दूर हो गया है कांग्रेस पार्टी का परंपरागत कांग्रेसी वोट भी भारतीय जनता पार्टी को ट्रांसफर हो रहा है जिससे यह गठबंधन केवल मुस्लिम वोट बैंक के सहारे पर खड़ा है तथा गठबंधनकी स्थिति बहुत खराब हो गई है।
राष्ट्रीय लोकदल
राष्ट्रीय लोक दल की स्थिति दिनोंदिन कमजोर होती जा रही है जिन सीटों पर राष्ट्रीय लोक दल ने जाट के अलावा हिंदू समाज की किसी दूसरी बिरादरी को टिकट दिया है वहां उस उम्मीदवार की अपनी बिरादरी राष्ट्रीय लोक दल को वोट ना देने के कारण जाट समाज भी राष्ट्रीय लोक दल के उम्मीदवार को वोट नहीं दे रहा है 
जिन सीटों पर राष्ट्रीय लोक दल ने मुस्लिमों उम्मीदवार उतारे हैं वहां भी ऐसी ही स्थिति पैदा हो गई है कि मुसलमानों का वोट उम्मीदवार को ना मिलने के कारण जाट समाज अपना वोट भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को दे रहा है परंतु उन सीटों पर जहां राष्ट्रीय लोक दल द्वारा जाट उम्मीदवार उतारा गया है थोड़ी बहुत मात्रा में जाट समाज का वोट भारतीय जनता पार्टी को मिल रहा है शेष वोट राष्ट्रीय लोक दल को मिल रहा है लेकिन गड्ढे में वोट जाने की वजह से राष्ट्रीय लोकदल को शायद ही कोई सीट हाथ आए जाट समाज के मन में यह बात गहरे तक बैठ गई है कि पहली बार जाट समाज का वर्चस्व उत्तर प्रदेश की राजनीति से समाप्त होने जा रहा है !
सपा बसपा कांग्रेस और भाजपा जाट समाज को अपना थोक वोट बैंक नहीं मान रहे हैं और जाट समाज जिसे अपना वोट देने जा रहा है उसको एक भी सीट मिलने की संभावना नहीं है जिससे अंतिम समय में जाट समाज का रुझान भारतीय जनता पार्टी की तरफ बन गया है ऐसा लगता है 80 से 90% तक जाट समाज भारतीय जनता पार्टी को वोट देगा।
भारतीय जनता पार्टी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा किए गए आक्रामक चुनाव प्रचार, समाजवादी पार्टी के वर्तमान शासन से लोगों की नाराजगी, अरुण जेटली जी द्वारा लाए गए अच्छे बजट प्रस्तावों, नोटबंदी सर्जिकल स्ट्राइक एवं भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी के ऊर्जावान विचारों से भारतीय जनता पार्टी नई ऊंचाइयों को छू रही है ऐसा लग रहा है कि प्रथम चरण के चुनाव में 73 में से 55 सीटें भारतीय जनता पार्टी को मिलने जा रही हैं।
अंत में एक एहतियात बरतने की जरूरत है प्रथम चरण का चुनाव करके जो केंद्रीय बल तथा उत्तर प्रदेश पुलिस के जवान प्रथम चरण से दूसरे चरण में प्रस्थान करेंगे वह इस बात को दूसरे चरण के चुनाव वाले क्षेत्रों में न बताएं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ने क्लीनस्वीप कर लिया है अगर यह बात उनके द्वारा बताई जाएगी तब दूसरे चरण का चुनाव भी बेकार हो जाएगा समाजवादी पार्टी को दूसरे चरण में अपनी ताकत झोंकनी चाहिए (गोपनीय रिपोर्ट)