"जितनी बार, लोग सपा से अंदर-बाहर हो रहे हैं समझ नहीं आता ये पार्टी है या सुलभ शौचालय?"

बिना ताले की साइकिल खड़ी करोगे तो बेटवा लेकर भागेगा ही वो भी चाचा का साथ गया है।........Rabindra Pratap Singh Athaisi


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प्रदेश में नया साल बड़े गर्म जोशी से मनाया जा रहा था जैसे ही खबर आई की शिवपाल और मुलायम समर्थित लोगों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है जनता हैरान हो गयी की भाई ये प्रदेश में चल क्या रहा है।।।कभी अखिलेश हावी तो कभी मुलायम व शिवपाल हावी ।।

कभी इनको अंदर तो कभी उनको बाहर इस समाजवादी खेल को देखते हुए जानना चाहा की इस पर क्या राय है तो बड़े ही दिलचस्प जवाब मिले जो की इस प्रकार हैं---- किसी ने कहा-" गुंडाराज भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने का नाटक जान चुकी है जनता। अब नेता जी जबतक तीन बार "निकल, निकल, निकल" कह कर नहीं निकालेंगे तबतक निष्कासन नहीं माना जायेगा।"" 

उदय जी कहते हैं-- "जितनी बार, लोग सपा से अंदर-बाहर हो रहे हैं समझ नहीं आता ये पार्टी है या सुलभ शौचालय?" किसी ने कहा "सपा नहीं हम अखिलेश को जिताएंगे" बहरहाल लोगो की राय तो बनती बिगड़ती रहेगी पर अभी इस खेल को जनता बखूबी समझ रही है की हो क्या रहा है।।।

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