सर्जिकल स्ट्राइक के असफल होने का डर भी था और मोदीजी को मालूम था की देश को उसका जवाब उनको ही देना होगा !


Forces giving befitting reply to Pakistan-based terror groups: Rajnath Singh


इस समय भारतीय राजनीति में केजरवाल, दिग्विजय, अखिलेश, मायावती, राहुल गाँधी जैसे बहुत है जिनके नाम का उल्लेख यहां करना संभव नही है, बहुत लंबी लिस्ट है । इस लिस्ट में सभी का यही सौच है या कहना है कि POK की सर्जिकल स्ट्राइक से मोदी राजनैतिक लाभ लेना चाह रहे है । तो नामुरादों सुनो , भारतीय सेना भारतीय गणतंत्र में राष्ट्रपति जी , प्रधान मंत्री जी और रक्षा मंत्री जी से आदेश लेती हैं और उनके प्रति जिम्मेवार भी है ।

indian balistic missiles can destroy any enemy in situation of war


1 सर्जिकल स्ट्राइक में सेना ने सारी तैयारी प्रधान मंत्री की अनुमति से की ।
2 सर्जिकल स्ट्राइक से पहले भी सरकार से अनुमति ली गयी ।
3 सर्जिकल स्ट्राइक के दौरान नुकसान होने की संभावना थी । जिसका ठीकरा मोदी के 56 इंच पर फूटता ।
4 नुकसान ही नहीं बहुत ज्यादा नुकसान होने की भी सम्भावना थी । जो की प्रधान मंत्री मोदी जी के कद को बौना बना देती ।
5 हमारे 150 वीर जाबाज कमांडो मारे जा सकते थे या बंधक बनाए जा सकते थे । उस स्थिति में बीजेपी/मोदी की क्या स्थिति होती उसकी कल्पना आप कर सकते है । 


आप कारगिल और कंधार को याद करे । सर्जिकल स्ट्राइक से पहले तक कांग्रेसी छाती नहीं दुर्योधन की तरह जंघा पीट कर- पीट कर बीजेपी की निंदा करते थे । रोज 56 इंच का ताना मारते थे । अब जब मोदी जी ने राष्ट्र हित को पहले ध्यान में रखा । बीजेपी या मोदी को कचरे की पेटी में डाल दिया । तब भी इन नामुरादों को जुलाबी दर्द हो रहा है ।
अरे नामुरादों अपने आप को प्रधानमंत्री जी की जगह रह कर देखिये सर्जिकल स्ट्राइक निर्णय लेना कितना कठिन था । अच्छा चलो ये बताओ UPA के 10 साल में कितने सर्जिकल स्ट्राइक के निर्णय लिए ??
सर्जिकल स्ट्राइक का निर्णय लेकर मोदी जी ने महावीर निर्णय लिया था और वीर लोग ही वसुंधरा पर राज करते है ।
क्यों नामुरादों, अगर अपने जीवन की आहुति मोदी जी देने को तैयार हैं तो उसका लाभ क्यों नहीं लेंगे ।। .पप्पू भिया जरा अफीम का डोज कम लिया करो....अभी तो खाट ही लुटी है....कम से कम दिमाग तो मत लुटाओ ....................Nageshwar Singh Baghel