कश्मीर में जब सेना के सैनिक पेलेट गन का उपयोग कर रहे थे तब कई सेकुलर नेतागण + मीडिया + कोर्ट ने इस का विरोध किया था ,और आज वही गद्दार नेता कहते है की मोदी सरकार विफल है सेना की रक्षा करने में !
जब सेना इन आतंकियों को काटने लगेगी तब यही सेकुलर नेता इन सैनिकों का विरोध करने सर्वदलीय बैठक करेंगे ! अलगाववादियों से मीटिंग करेंगे ! ऐसे नेता भी स्थानिक आतंकियों की श्रेणी मे आते है।किसी भी बाहरी आतंकवादी तभी सफल होता है जब स्थानिक आंतनकी उसे सहोयग + सम्पूर्ण प्रकार की मदद करता है तब।
पठानकोट + उरी जैसी संवेदनशील स्थान पर बाहरी आतंकी कैसे सफल हुए ? उरी में जहां सैनिक सोते है वहां तक आतंकी कैसे पहुँच गए ? यह यक्ष प्रश्न है। इसमें भी स्थानिक आतंकी के सहयोग को नकारा नहीं जा सकता। क्या उस समय उस बटालियनमे भी कोई स्थानिक आतंकी सक्रीय था ? यदि हां तो यह अतिगंभीर विषय है।
सरकार को सर्व प्रथम इन स्थानिक आतंकियोनी जड़को काटना होगा। यह काम में जिनता विलम्ब होगा और बाहरी आतंकी और तेजीसे सफल होते रहेंगे ! कश्मीर में जब सेना के सैनिक पेलेट गन का उपयोग कर रहे थे तब कई नेतागण ने इस का विरोध किया था ,और आज वही गद्दार नेता कहते है की मोदी सरकार विफल है सेनाकी रक्षा करने में !
जब सेना इन आतंकियों काटने लगेगी तब यशी नेता इन सैनिकोंका विरोध करने सर्वदलीय बैठक करेंगे ! अलगाववादियों से मीटिंग करेंगे ! ऐसे नेताभी स्थानिक आतंकियों की श्रेणीमे आते है।
राष्ट्रपति + उप राष्ट्रपति + प्रधानमंत्री + उप प्रधानमंत्री + उंच न्यायधीश + चौथा स्तंभ अपनी आँखे खोलो। देश स्थानिक आतंकियों के पंजे में + चंगुल मे फसता जा रहा है।देश के राष्ट्रवादी नागरिक भी जागरूक बने और अन्यको सतर्क रहने के लिए सचेत करे।भारत माता की जय......Sanjay Dwivedy


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