दीदी और इशरत के अब्बा की नजर मे सब बराबर ..शराबी को भी 2 लाख,शहीद को भी 2 लाख !!

Value of life in Mamta Bannerjee Govt....• Soldier Martyred in Uri - 2 lakhs. • Peaceful died in Haj - 10 lakhs. Dear Secular Bengali people rename ur State as 'Islamic Bengal' as Bengal don't suits u.....Kshitiz Singh

उड़ी में शहीद हुए बिहार के जवान अशोक कुमार की पत्नी ने नीतीश सरकार द्वारा ऐलान किए गए 5 लाख के मुआवजे को लेने से इनकार कर दिया है. नीतीश सरकार से बेहद नाराज संगीता ने कहा 'मेरा पति शराब पीकर या नाली में गिरकर नहीं मरा, बिहार सरकार भिखारी है'. 

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दीदी के नजर मे भी सब बराबर !!!शराबी को भी 2 लाख,शहीद को भी 2 लाख!!
मानुष तो मानुष !!वामपंथी सोच बंगाल को ले डुबेगा एक दिन !!सोच बदलो ,देश बदलेगा !!...Ashok Singh
शहादत पर हम मुआवज़ा क्यों देते हैं ? शहादत पर तो ईनाम मिलना चाहिए. फिर मुआवज़ा क्यों ?
सड़क पे कोई आपको टक्कर मार जाए तो मुआवज़ा मिलता है. किसी बनते पुल का हिस्सा टूट के आप पर गिर जाए तो मुआवज़ा मिलता है. चलती ट्रेन में आपके साथ कोई हादसा हो जाए तो मुआवज़ा मिलता है. इसके अलावा तमाम तरह के प्रावधान हैं जिनमें मुआवज़ा मिलता है. लेकिन शहादत के लिए मुआवज़ा? क्या ये शहीदों का अपमान नहीं है ? 
जिन शहीदों के घरवालों को उनकी अनुपस्थिति में हम बेहतर जीवन देना चाहते हैं, उन्हें वो जीवन सम्मान के साथ भी तो दे सकते हैं, तरस खा के मुआवज़े की तरह क्यों देते हैं ?
खिलाड़ी पदक जीत के आते हैं, होड़ लग जाती है पैसों में तोलने की. एक राज्य कहता है जन्म हमारे यहां हुआ, दूसरा कहता है ट्रेनिंग हमारे यहां ली, तीसरा कहता है स्पॉन्सरशिप तो हमारे यहां की कंपनी ने की थी.
शहीदों को अपनाने के लिए ऐसे होड़ क्यों नहीं मचती? शहादत पे सौदेबाज़ी की संभावनाओं को खत्म करने के लिए सरकार को कोई बड़ा फैसला लेना चाहिए !
जहाँ महाराष्ट्र सरकार अपने शहीदों को २० लाख,झारखण्ड सरकार 10 लाख और विवाद गहराने और सोशल मीडिया पर हुई आलोचना के बाद नितीश कुमार ने ५ लाख से ११ लाख रुपये देने की घोषणा किया ! लेकिन ममता बनर्जी ने बंगाल के दो शहीदों के लिए केवल २-२ लाख रुपये और होमगॉर्ड नें एक नौकरी देने की देने की घोषणा किया ! क्या ये इन शहीदों का अपमान नहीं है !
भाजपा के राष्ट्रीय परिषद् के सदस्य अनिल कुमार गोयल ने कहा कि बंगाल कि सरकार अभी सिंगुर उत्सव के नाम पर करदातायो के करोडो रुपये फूंक दिए ! लेकिन जब दो शहीदो को सम्मान करने कि बारी आयी तो केवल दो लाख ? मैं मुख्यमंत्रीजी से मांग करता हु कि कम से कम २० लाख रुपये उन दोनों शहीद परिवार को दे !


सब मोदी के पीछे पड़े है क्यों कोई नहीं कहता की आंतकवादियो की मदद करने वालो को भी सजा दो ?
गुस्सा पूरा हिदुस्तान में है उरी हमले पर लेकिन गुस्सा बुध्दी को नष्ट कर देता है वही हो रहा है मायावती ,केजरीवाल , ममता नितेश, मुलायम क्यो चुप है दोनो हाथो मे लड्डू चाहिए । "जो आतंकीयो को मदद करे उसके पूरे परिवार को सजा होनी चाहिए "॥..................Shailesh Nathwani


*कश्मीर में तांडव मचा है!* ......*लेकिन न ही अवार्ड वापसी हुई;*....

*न किसी की बीवी की देश छोड़कर जाने की इच्छा हुई!* *हद है दोगलेपन की!*
*भूतपूर्व सरकार का हर नेता चुप!* *दिल्ली का हाहाकारी मुख्यमंन्त्री चुप!* *काँग्रेस के सारे बुद्धिजीवी चुप!*
*संघ-मुक्त भारत करने की इच्छा रखने वाले चुप!*
*एन डी टी वी चैनल चुप!*
*ए बी पी चैनल चुप!* *इन्डिया टीवी चुप!* *न्यूज 24 वाले चुप!*
*पत्रकार चुप!* *साहित्यकार चुप!* *फिल्मकार चुप!* *आमिर खान चुप!* *सलमान खान चुप!*
*पाकिस्तान को करोड़ों रूपए भेजने वाला शाहरूख खान चुप!*
*असिहष्णुता का ढिढोरा पिटने वाले चुप!* *आप चुप!* *हम चुप!*
*सारा देश है चुप-चाप! क्यों? क्यों? क्यों ? *कब तक चुप रहेंगे हम  ?.....Amit Garg